पूर्व चैंपियन मीराबाई चानू 2 अक्टूबर से फोर्डे (नॉर्वे) में शुरू हो रही वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में एक बार फिर भारत की पदक की उम्मीदों को लेकर नए 48 किग्रा वर्ग में खुद को परखने की कोशिश करेंगी। भारत ने 12 सदस्यीय टीम उतारी है लेकिन 2017 की वर्ल्ड चैंपियन और 2022 की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई देश की एकमात्र मेडल दावेदार हैं।
मीराबाई पर सबकी निगाहें
2028 लॉस एंजिल्स खेलों के लिए नए ओलंपिक भार वर्ग के साथ 31 साल की मीराबाई ने 49 किग्रा वर्ग से 48 किग्रा वर्ग में जाने का विकल्प चुना है। चोट से जूझ रही टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई ने एक साल के रिहैबिलिटेशन के बाद अगस्त में वापसी की और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 193 किग्रा (84 किग्रा + 109 किग्रा) का वजन उठा सकीं। नए ओलंपिक चक्र में पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप में मीराबाई अपनी प्रगति के अलावा मुख्य कोच विजय शर्मा के साथ मिलकर नए और परिचित दोनों तरह के प्रतिद्वंद्वियों के प्रदर्शन का भी आकलन करेंगी।
री सोंग गम गोल्ड की प्रबल दावेदार
शर्मा ने पीटीआई को बताया कि यह टूर्नामेंट हमें यह समझने में मदद करेगा कि मीरा में क्या कमी है और हमें किन चीजों पर काम करने की जरूरत है। 48 किग्रा वर्ग में कई नए भारोत्तोलक हैं इसलिए हम अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और धीरे धीरे आगे बढ़ने के लिए प्रतिस्पर्धा पर नजर रखेंगे।
49 किग्रा की मौजूदा चैंपियन उत्तर कोरिया की री सोंग गम गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार बनी हुई हैं जिससे मीराबाई को एशियाई चैंपियन थाईलैंड की थान्याथोन सुकचारोएन और पिछले चरण की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की रोजगी रामोस से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने की उम्मीद है। अन्य भारतीय भारोत्तोलकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करना और प्रतिद्वंद्वियों का आकलन करना अहम होगा।
भारतीय टीम
महिला: मीराबाई चानू (48 किग्रा), बिंद्यारानी देवी (58 किग्रा), निरुपमा देवी (63 किग्रा), हरजिंदर कौर (69 किग्रा), वंशिता वर्मा (86 किग्रा), महक शर्मा (+86 किग्रा)।
पुरुष: ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा), एम राजा (65 किग्रा), एन अजित (71 किग्रा), अजय वल्लुरी बाबू (79 किग्रा), दिलबग सिंह (94 किग्रा), लवप्रीत सिंह (+110 किग्रा)।
(PTI Inputs)
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