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वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खुला भारत का खाता, शैलेश कुमार ने हाई जंप में जीता गोल्ड मेडल

 Written By: Vanson Soral @VansonSoral
 Published : Sep 28, 2025 10:18 am IST,  Updated : Sep 28, 2025 10:18 am IST

वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेजबान भारत का खाता खुल गया है। शैलेश कुमार ने गोल्ड जीतकर भारत की झोली में पहला मेडल डाल दिया।

World Para Athletics Championships 2025- India TV Hindi
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 Image Source : PTI

शैलेश कुमार और वरुण सिंह भाटी ने 27 सितंबर को मेन्स हाई जंप T63-T42 इवेंट में क्रमशः गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेजबान भारत का खाता खोला। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की थेकरा अलकाबी ने वूमेन्स 100 मीटर T71 फ्रेम रनिंग स्पर्धा में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 25 साल के शैलेश ने T42 वर्ग में 1.91 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चैंपियनशिप रिकॉर्ड और एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया। 

बिहार के जमुई जिले के इस्लाम नगर गांव में एक किसान परिवार में जन्मे शैलेश के दाहिने पैर में बचपन में ही पोलियो हो गया था। शैलेश ने जीत के बाद पीटीआई-भाषा से कहा कि जब वह स्कूल में थे तो सामान्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते थे। लोग उन्हें कहते थे कि वह खेल क्यों रहे हैं। वे कहते थे कि कोई नौकरी कर लो या कुछ और करो।

भाटी ने जीता कांस्य

उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने 2016 के रियो पैरालिंपिक में देखा कि यह खेल उनकी कैटेगिरी में होता है, तब उन्होंने पैरा गेम्स में शुरुआत करने का फैसला किया। पैरा एशियन गेम्स के पूर्व पदक विजेता भाटी ने कांस्य पदक जीता जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अमेरिका के एज्रा फ्रेच ने सिल्वर मेडल हासिल किया। 

भाटी और फ्रेच दोनों ने 1.85 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाई लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने ‘काउंट-बैक’ में भारतीय खिलाड़ी को हरा दिया। इस इवेंट में शामिल तीसरे भारतीय राहुल 1.78 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चौथे स्थान पर रहे। शैलेश, भाटी और राहुल T42 एथलीट हैं जिनके घुटने के ऊपर एक अंग विच्छेदन हुआ हो या एक समान दिव्यांगता हो। T63 वर्गीकरण उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके घुटने के पास दिव्यांगता हो। T63 और T42 एथलीटों को एक ही इवेंट में शामिल किया जा सकता है और शनिवार को भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। 

 दीप्ति जीवनजी के नाम रहा सिल्वर

वूमेन्स 400 मीटर T20 फाइनल में भारत की गत चैंपियन दीप्ति जीवनजी ने 55.16 सेकंड के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। तुर्किऐ की आयसेल ओन्डर ने 54.51 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 54.96 सेकंड के अपने ही वर्ल्ड रिकॉर्ड में सुधार किया।

(PTI Inputs)

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