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Apple और Meta पर फिर चला EU का डंडा, लगाया करोड़ों रुपये का जुर्माना

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Apr 23, 2025 10:50 pm IST,  Updated : Apr 23, 2025 10:50 pm IST

EU ने एक बार फिर से एप्पल और मेटा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इन दोनों टेक कंपनियों पर यूरोपीय यूनियन के DMA नियमों का उल्लंघन करने के खिलाफ करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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एप्पल, यूरोपीयन यूनियन, मेटा Image Source : FILE

Apple और Meta पर EU ने फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया है। एप्पल पर यूरोपीय यूनियन ने 500 मिलियन यूरो यानी लगभग 4,869 करोड़ रुपये फाइन किया है। वहीं, मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta पर 200 मिलियन यूरो यानी लगभग 1,708 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। यूरोपीय यूनियन ने इन दोनों कंपनियों पर एंटीट्रस्ट के नियमों के उल्लंघन की वजह से भारी जुर्माना लगाया है। कंपनियों पर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप साबित हुआ है।

DMA का उल्लंघन

यूरोपीय यूनियन द्वारा यह जुर्माना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर भी असर डाल सकता है। अमेरिकी टेक कंपनियों एप्पल और मेटा पर पिछले एक साल से इस मामले में ट्रायल चल रहा था। EU के एक अधिकारी के मुताबिक, इन दोनों कंपनियों ने यूरोपीय यूनियन के नए डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के प्रावधानों को उल्लंघन करते हुए छोटे प्लेयर्स को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। वहीं, टेक कंपनियों का मानना है कि यूरोपीय यूनियन 2023 में लाए गए डिजिटल मार्केटिंग एक्ट को उन पर थोपना चाहता है।

Apple का स्टेटमेंट

इस मामले में Apple ने अपना स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा, "आज की घोषणाए यूरोपीय यूनियन द्वारा जजमेंट की एक सीरीज में Apple को गलत तरीके से टारगेट करने का एक और उदाहरण है जो हमारे यूजर्स की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए बुरा है, उत्पादों के लिए बुरा है, और हमें अपनी तकनीक मुफ्त में देने के लिए मजबूर करता है।"

Meta का स्टेटमेंट

वहीं, Meta का कहना है,"यूरोपीय यूनियन चीनी और यूरोपीय कंपनियों को विभिन्न मानकों के तहत काम करने की अनुमति देते हुए सफल अमेरिकी कंपनियों को बाधित करने का प्रयास कर रहा है।" मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोयल कप्लान ने मेटा को लेकर यह बयान जारी किया है। उन्होंने आगे कहा, "ये केवल जुर्माना नहीं है। यूरोपीय कमीशन हमें अपने प्रभावी बिजनेस मॉडल को बदलने के लिए मजबूर कर रहा है।"

EU ने एप्पल से कहा है कि वो अपने ऐप स्टोर के टेक्निकल और कमर्शियल पाबंदियों को हटाए ताकि ऐप डेवलपर्स उनके स्टोर के अलावा बाहर से यूजर्स को सस्ते डील्स उपलब्ध करा सके। वहीं, मेटा के 2023 में लॉन्च किए गए पे-ऑर-कॉन्सेंट मॉडल को लेकर यह जुर्माना लगाया गया है। इस मॉडल के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स को फ्री सर्विस के लिए कंसेंट दे ताकि ए़वर्टाइजर्स अपने रेवेन्यू के लिए एड दिखा सके।

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