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Google Chrome में आ रहा कमाल का AI फीचर, फर्जी वेबसाइट का चुटकियों में चलेगा पता

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Dec 05, 2024 11:10 pm IST,  Updated : Dec 05, 2024 11:10 pm IST

Google Chrome के करोड़ों यूजर्स चुटकियों में फर्जी वेबसाइट का पता लगा सकेंगे। गूगल क्रोम के लिए इस AI फीचर को टेस्ट किया जा रहा है। इस फीचर के आने के बाद यूजर्स आसानी से असली और फर्जी वेबसाइट की पहचान कर सकेंगे।

Google Chrome- India TV Hindi
Google Chrome Image Source : FILE

Google Chrome में जल्द ही कमाल का AI फीचर आने वाला है। इस फीचर के जरिए यूजर्स को फर्जी वेबसाइट की पहचान करने में मदद होगी। गूगल के वेब ब्राउजर के डिजाइन में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसकी वजह से इसके यूजर इंटरफेस में नेविगेट करना आसान हो जाएगा। गूगल अपनी Gemini AI फीचर को अपने क्रोम ब्राउजर में अपग्रेड करने वाला है।

फर्जी वेबसाइट का लग जाएगा पता

गूगल क्रोम के इस अपकमिंग फीचर के बारे में एक X यूजर ने जानकारी शेयर की है। जैसे ही आप गूगल क्रोम पर किसी वेबसाइट को विजिट करेंगे तो एक साइट इंफॉर्मेशन आइकन दिखाई देगा। इस आइकन पर क्लिक करते आप पता लगा सकते हैं कि वेबसाइट भरोसेमंद है की नहीं। गूगल क्रोम का यह फीचर स्टोर रिव्यूज के नाम से जोड़ा जाएगा।

AI का इस्तेमाल करके गूगल क्रोम पर किसी वेबसाइट के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अगर, कोई वेबसाइट भरोसेमंद नहीं होगी तो गूगल क्रोम यूजर्स को इसकी जानकारी उपलब्ध करा दिया जाएगा। गूगल क्रोम दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला वेब ब्राउजर है। गूगल क्रोम में इस फीचर के आने का फायदा करोड़ों यूजर्स को होगा। जिस तरह से इन दिनों फ्रॉड के मामले बढ़ें है यह फीचर यूजर्स को भरोसेमंद और फर्जी वेबसाइट की पहचान करने में मदद करेगा।

एंटी ट्रस्ट नियमों का उल्लंघन

Google से जुड़ी अन्य खबर की बात करें तो कनाडा के कंपीटिशन ब्यूरो ने गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर मुकदमा दर्ज करते हुए अनफेयर बिजनेस का आरोप लगाया है। ट्रिब्यूनल से गूगल पर नियमों के उल्लंघन की वजह से भारी जुर्माने की सिफारिश की गई है। इस मामले में गूगल ने कहा कि यह आरोप गलत है क्योंकि इस ऐड में बायर्स और सेलर्स के पास कई च्वॉइस मौजूद हैं। हम अपना कोर्ट में इस पर अपना पक्ष रखेंगे। वहीं, भारत में भी CCI ने गूगल पर एंटी ट्रस्ट नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

गूगल के ग्लोबल एड्स के वाइस प्रेसिडेंट डैन टेलर ने कहा कि हमारी एडवर्टिजमेंट टेक्नोलॉजी टूल वेबसाइट और ऐप्स को अपना कॉन्टेंट फंड करने में मदद करता है। कनाडा के कम्पीटिशन ब्यूरो ने 2020 में की गई एक जांच को ओपन करते हुए कहा कि गूगल ने फेयर कम्पीटिशन के नियमों का उल्लंघन किया है। अपनी जांच में एजेंसी ने बताया कि वेब एडवर्टिजमेंट और एड-टेक सेक्टर में गूगल का बड़ा स्टैक है, जो उसके मार्केट पावर को मजबूत बनाता है।

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