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नया Mac खरीदना है तो हाई -RAM मॉडल्स लेने में हो सकती है परेशानी, क्यों हो रही है इनकी कमी-जानें

 Published : Apr 15, 2026 09:08 am IST,  Updated : Apr 15, 2026 09:08 am IST

एप्पल के मैक सिस्टम्स को खरीदने में बायर्स को दिक्कत आ रही है और खासतौर से जिनके हाई-रैम वेरिएंट है, वो लोगों को आसानी से नहीं मिल पा रहे हैं, जानें इसकी वजह-

Apple Mac- India TV Hindi
एप्पल मैक Image Source : APPLE

Apple Mac: ऐसा लग रहा है कि एप्पल को अपने मैक मॉडल्स के साथ कुछ सप्लाई इश्यू का सामना करना पड़ रहा है और इसमें भी खासतौर पर वो मॉडल्स जो हाई-एंड मॉडल्स हैं। रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अगर आपको नया Mac खरीदना है तो इसके लिए या तो आपको लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या इसके कुछ खास वेरिएंटंस फिलहाल अवेलेबल नहीं हैं। और ऐसा नहीं है कि ये केवल किसी एक प्रोडक्ट के साथ हो रहा हो, Mac mini और Mac Studio के कई कन्फिगरेशन में ये समस्या आती हुई दिख रही है और उन पर इस कमी का असर आया है। खासकर वो मॉडल्स जो हाई-RAM के साथ आ रहे हैं, उनमें ये परेशानी ज्यादा देखने को मिल रही है।

ऊंची मैमोरी वाले Mac सिस्टम्स के साथ ये दिक्कत अधिक देखी जा रही है। Mac mini के 32 जीबी और 64 जीबी रैम ऑप्शन्स वाले वेरिएंट्स के अलावा Mac Studio के 128 जीबी या इससे ऊंचे कन्फिगरेशन वाले मॉडल या तो आउट ऑफ स्टॉक हैं या फिलहाल इन्हें ऑर्डर नहीं किया जा सकता है।

इसके अलावा एक और परेशानी भी है कि जो मॉडल अवेलेबल हैं, उन्हें भी आसानी से हासिल नहीं किया जा पा रहा है। डिलीवरी की समय-सीमा काफी बढ़ गई है, कई ऑर्डर्स में तो कुछ कॉन्फिगरेशन में कई हफ्तों या यहां तक ​​​​कि महीनों तक वेटिंग टाइम दिखाया गया है। यह किसी सिंगल डिवाइस की समस्या के बजाय कंपोनेंट लेवल की समस्या की ओर ज्यादा इशारा करता है।

कमी की वजह क्या है?

इसके पीछे एक बड़ा कारण मौजूदा ग्लोबल रैम की स्थिति है। हाई कैपिसिटी वाली मेमोरी की मांग बढ़ गई है और इसके पीछे की मुख्य वजह एआई टूल के बढ़ते उपयोग और हैवी-डेटा वर्कलोड है।

ग्लोबल मेमोरी सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा फिलहाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर जा रहा है, इसका मतलब है कि लैपटॉप और डेस्कटॉप जैसे रेगुलर प्रोडक्ट्स के लिए कम बचा है। इस वजह से मैन्यूफैक्चर्रर्रस मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और ये हाई-रैम वाले मॉडल्स के लिए ज्यादा देखा जा रहा है। यही वजह है कि कमी ज्यादातर ज्यादा रैम वाले मॉडलों पर असर डाल रही है, जबकि बेस वेरिएंट अभी भी ढूंढना आसान है।

क्या नए Mac आने की वजह से हो रहा है ऐसा?

एक अन्य संभावना पर भी चर्चा हो रही है. ध्यान रहे कि अपडेटेड मॉडल पेश करने से पहले ऐप्पल के पास कुछ कॉन्फिगरेशन को चुपचाप खींचने का एक पैटर्न बना हुआ है। लिहाजा ऐसी भी संभावना है कि एप्पल अपडेटेड मॉडलों के लिए जगह बना रहा है। कुछ रिपोर्ट से पता चलता है कि एडवांस्ड चिप्स वाले नए Mac का ऐलान इस साल के आखिर में किया जा सकता है। हालांकि ये समय एप्पल के सामान्य नजरिए से पूरी तरह मेल नहीं खाता है, जहां ज्यादातर बदलाव लॉन्च के करीब होते हैं। लिहाजा कहा जा सकता है कि इस समय सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें ही इस कमी के पीछे की मुख्य वजह हो सकती हैं।

खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है

अगर आप ज्यादा रैम वाला Mac खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अभी इंतजार करना होगा या कम कन्फिगरेशन के मॉडल से समझौता करना होगा। मौजूदा स्थिति से ये भी पता चलता है कि कस्टम बिल्ड के लिए अवेलेबिलिटी मुश्किल होती जा रही है।

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