GARUDA
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बेटी कर सकती है मां-बाप का श्राद्धकर्म या नहीं? संतान के इस अधिकार पर क्या कहता है गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण में श्राद्ध कर्म और पिंडदान को पितरों की शांति से जुड़ा महत्वपूर्ण कर्म बताया गया है। सामान्य स्थिति में पुत्र को श्राद्ध कर्म का मुख्य अधिकारी माना गया है। लेकिन बेटा न हो तो क्या बेटी द्वारा भी यह कर्म किया जा सकता है? जानिए इस परंपरा को लेकर क्या नियम बताए गए हैं।
न्यूज़ | Jul 09, 2026 08:23 pm IST -
ऐसे करें दान, तभी मिलेगा पूरा पुण्य और शुभ फल, गरुड़ पुराण में बताए गए हैं नियम
गरुड़ पुराण में दान से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बताए हैं। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने को बहुत पुण्य कर्म बताया गया है। लेकिन इसमें दान की भावना के साथ-साथ दान करने के तरीके को भी विशेष महत्व दिया है। कहते हैं सभी तरीके से किया गया दान ही पुण्य देता है।
न्यूज़ | Jun 27, 2026 02:25 pm IST -
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Garud Puran: परिवार में किसी की मृत्यु के बाद घर में क्यों नहीं बनाते खाना, गरुड़ पुराण में दिए हैं सूतक के नियम
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद चूल्हा न जलाना एक धार्मिक और परंपरागत नियम है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद का समय परिवार के लिए सूतककाल माना जाता है। इस दौरान पालन किए जाने नियमों का उद्देश्य आत्मा की शांति, परिवार का शोक और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है।
न्यूज़ | May 11, 2026 08:53 pm IST -
मृत्यु के बाद ऐसे होती है हमारे पाप और पुण्य की तुलना, गरुड़ पुराण में बताया है यमलोक में कैसे होता आत्मा का हिसाब
Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कैसे मृत्यु के बाद आत्मा यमलोक में अपने कर्मों का हिसाब देती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह कर्मों के संतुलन पर आधारित होती है। अच्छे और बुरे कर्मों की तुलना के आधार पर उसे अलग-अलग लोकों की प्राप्ति होती है।
न्यूज़ | May 09, 2026 07:52 pm IST -
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बेटी के आगमन से अभागे भी हो जाते हैं भाग्यवान, ईश्वर किस घर को बेटी के जन्म के लिए चुनता है, गरुड़ पुराण से जानिए
Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि बेटी का जन्म केवल एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि सौभाग्य का प्रतीक है। यह घर में लक्ष्मी के आगमन जैसा माना जाता है। सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का संकेत माना जाता है, जो परिवार में खुशहाली और समृद्धि लेकर आता है।
न्यूज़ | Apr 30, 2026 10:43 pm IST -
Garud Puran: गरुड़ पुराण में इन 7 सपनों को बताया गया है बेहद शुभ, सफलता और सुख-समृद्धि का हैं प्रतीक
Garud Puran: गरुड़ पुराण में कुछ ऐसे सपनों का जिक्र मिलता है जिनके दिखने पर आपको जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। आज हम आपको इन्हीं सपनों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
न्यूज़ | Apr 29, 2026 06:56 pm IST -
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Garun Puran: संन्यास से बेहतर गृहस्थ आश्रम, क्यों विवाह करना इतना जरूरी? गरुड़ पुराण में इस पहलू को किया है उजागर
Garun Puran: गरुड़ और मार्कण्डेय पुराण के अनुसार विवाह केवल परंपरा नहीं, बल्कि मोक्ष का आधार है। इनमें यह स्पष्ट किया गया है कि गृहस्थ जीवन अपनाए बिना व्यक्ति अपने कर्तव्यों और ऋणों से मुक्त नहीं हो सकता। चलिए जानते हैं आखिर क्यों विवाह संस्कार को इतना महत्वपूर्ण बताया गया है।
न्यूज़ | Apr 29, 2026 04:44 pm IST -
Garun Puran: इन चार लोगों के घरों का खाना बर्बादी की वजह बन सकता है, गरुड़ पुराण में दी गई है चेतावनी
Garud Puran Niyam: गरुड़ पुराण के अनुसार, इन 4 लोगों के खाना खाने से व्यक्ति का भाग्य कमजोर हो जाता है। इन लोगों के घर भोजन करने से व्यक्ति को तरह-तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।
न्यूज़ | Apr 28, 2026 01:32 pm IST -
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Garud Puran: 4 आदतें मृत्यु के बाद बचाएंगी यमलोक की यातनाओं से, गरुड़ पुराण में है इनका वर्णन
Garud Puran: गरुड़ पुराण में जीवन-मृत्यु के रहस्यों के साथ ही उन उपयोगी बातों का वर्णन भी मिलता है जो आपको मृत्यु के बाद यातनाओं से बचा सकती हैं। आज इसी के बारे में हम आपको विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं।
न्यूज़ | Apr 24, 2026 07:46 pm IST -
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार इन आदतों को आज ही छोड़ दें, वरना बाद में पड़ेगा पछताना
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति की ये आदतें उनके जीवन को परेशानियों से घेर देती है। ऐसे में वक्त रहते व्यक्ति को अपनी ये बुरी आदतें छोड़ देनी चाहिए। वरना उनका जीवन कष्टों से भरा हो सकता है।
न्यूज़ | Apr 24, 2026 02:18 pm IST -
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Garud Puran: 4 तरह के लोगों की संगति कर सकती है आपको बर्बाद, इनसे हमेशा बनानी चाहिए दूरी
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार कुछ लोगों से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद होता है। इनकी संगति में रहकर आपका जीवन बर्बाद हो सकता है। आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
न्यूज़ | Apr 22, 2026 07:02 pm IST -
तेरहवीं संस्कार क्यों है जरूरी, मृत्यु के बाद आत्मा का कैसा होता है 13 दिनों का सफर, गरुड़ पुराण में मिलता है रहस्य
Garud Puran: कहते हैं कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक आत्मा अपने परिवार के आसपास रहती है और अपने कर्मों का अनुभव करती है। तेरहवीं का संस्कार और पिंडदान इस यात्रा को पूरा करने और आत्मा को आगे बढ़ने में सहायक मानी जाती है। जानिए गरुड़ पुराण में क्या बताया गया है।
न्यूज़ | Apr 22, 2026 10:43 am IST -
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इन कर्मों का यमलोक में देना पड़ेगा हिसाब, मृत्यु के बाद भी नहीं मिलती शांति, गरुड़ पुराण में मिलता है वर्णन
Garun Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार इंसान के कर्म ही तय करते हैं कि उसे मौत के बाद शांति मिलेगी या कष्ट। अच्छे कर्म शांति देते हैं, जबकि बुरे कर्मों के कारण मृत्यु के बाद भी कष्ट झेलना पड़ता है। इसमें कुछ ऐसे पापों का जिक्र है, जिनकी सजा बेहद कठोर बताई गई है।
न्यूज़ | Apr 21, 2026 12:31 pm IST -
Garud Puran: जीवन का अंत होने से पहले क्या होता है? जान लें मृत्यु से पहले मिलने वाले 5 संकेतों के बारे में
Garud Puran: गरुड़ पुराण में मृत्यु और पुनर्जन्म के बारे में काफी कुछ जानकारी हमको मिलती है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि मृत्यु से पहले व्यक्ति को कैसे संकेत मिलते हैं। ये संकेत मृत्यु से कुछ महीने पहले ही आपको देखने को मिल सकते हैं।
न्यूज़ | Apr 21, 2026 07:13 am IST -
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Garun Puran: मृत्यु के बाद 13 दिनों तक घर में ही क्यों रहती है आत्मा? गरुड़ पुराण में बताया गया है ये रहस्य
Garun Puran: गरुड़ पुराण में जन्म-मृत्यु के गूढ़ रहस्यों के बारे में बताया गया है। आत्मा के साथ मृत्यु के ठीक बाद क्या होता है, मृत्यु के 13 दिनों तक आत्मा कहां रहती है, किन परिस्थितियों का सामना आत्मा मृत्यु के बाद करती है, इसके बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में विस्तार से जानकारी देंगे।
न्यूज़ | Apr 20, 2026 06:28 am IST -
Garud Puran: मौत के पहले ही तय हो जाता है व्यक्ति का अगला जन्म, गरुड़ पुराण में बताया है कैसे होता है पुनर्जन्म
Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि इंसान के कर्म, विचार और जीवन का अंतिम समय उसके अगले जन्म को कैसे प्रभावित करता है। गरुड़ पुराण के अनुसार कुछ गंभीर पापों के लिए अलग-अलग दंड और अगला जन्म तय किया जाता है। जानिए कैसे निर्धारित होता है व्यक्ति का पुनर्जन्म।
न्यूज़ | Apr 18, 2026 08:36 am IST -
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Garud Puran Niyam: छोटे बच्चों का दाह संस्कार क्यों नहीं किया जाता? गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका कारण
Garud Puran Niyam: हिंदू धर्म में छोटे बच्चों का दाह संस्कार करने की परंपरा नहीं है। किसी छोटे बच्चे की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार दफनाकर किया जाता है। गरुड़ पुराण में बचाया गया है इसका कारण। जानिए क्या कहता है शास्त्र।
न्यूज़ | Apr 16, 2026 06:27 pm IST -
मृत्यु के बाद चूल्हा क्यों नहीं जलाते? कारण जो घरवालों को जानने चाहिए,गरुड़ पुराण में मिलता है उल्लेख
Sutak Ke Niyam: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद घर में चूल्हा न जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसका उद्देश्य आत्मा की शांति और परिवार के शोक को महत्व देना है। इसमें धार्मिक, सामाजिक और व्यवहारिक कई कारण छिपे हैं, जिन्हें समझना जरूरी है। जानें मृत्यु के बाद चूल्हा क्यों नहीं जलाते।
न्यूज़ | Apr 07, 2026 09:51 pm IST -
Garud Puran Niyam: मृतक व्यक्ति की चीजों का इस्तेमाल करना कितना सही? गरुड़ पुराण खोलता है रहस्य
Garud Puran Niyam: मृत्यु अटल है, जो इस दुनिया में आया है उसे एक दिन तो जाना ही है। कोई वक्त से पहले तो कोई देरी से जाता है, लेकिन जाना सभी को है। कहते हैं कि अपने प्रिय की मृत्यु के बाद उस व्यक्ति की कुछ चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए। जानिए गरुड़ पुराण में इसे लेकर क्या बताय गया है।
न्यूज़ | Apr 03, 2026 04:33 pm IST -
Garud Puran: गरुड़ पूराण में किन पाप कर्मों की मिलती है सबसे घातक सजा?
Garud Puran: गरुड़ पूराण में पाप कर्मों की सजा का जिक्र मिलता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किन पाप कर्मों के लिए सबसे घातक सजा आपको मिल सकती है।
धर्म | Feb 21, 2026 02:47 pm IST
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