लखनऊः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2024 के संभल हिंसा मामले में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के कोर्ट के आदेश के बाद यूपी सरकार पर तीखा हमला किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी किसी की सगी नहीं है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
संभल दंगों की एक फोटो के साथ एएसपी अनुज चौधरी की इमेज शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अब कोई बचाने नहीं आयेगा… अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे। भाजपा का फ़ार्मूला न. 1: पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो! भाजपा का फ़ार्मूला न. 2: भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं।
अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों FIR दर्ज करने का आदेश
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी कोर्ट के उस आदेश के बाद आई है, जिसमें संभल के खग्गू सराय अंजुमन के रहने वाले यामीन की याचिका पर अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया था। यामीन ने आरोप लगाया कि 24 नवंबर, 2024 को जब उनका 24 साल का बेटा आलम रस्क बेचने के लिए घर से बाहर निकला था, तो पुलिस ने उसे गोली मार दी थी। याचिका में अनुज चौधरी, कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया था।
सपा विधायक को मिली क्लीन चिट
यह हिंसा 24 नवंबर, 2024 को शाही जामा मस्जिद के कोर्ट के आदेश पर सर्वे के दौरान भड़की थी, जब हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि यह ढांचा पहले एक मंदिर था। इस झड़प में चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने 12 FIR दर्ज कीं और 79 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें कई राजनीतिक हस्तियों और सैकड़ों अज्ञात लोगों के नाम शामिल थे। 18 जून को SIT ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, जबकि सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल को क्लीन चिट दे दी गई।
आरएसएस पर भी बोला हमला
वहीं, अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि संघ परिवार "दुनिया का सबसे खतरनाक परिवार" है और ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए बीजेपी को सत्ता से हटाना ज़रूरी है। पार्टी के एक बयान के अनुसार, मकर संक्रांति के मौके पर बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर झूठे वादों और प्रोपेगेंडा के ज़रिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
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