लखनऊ: 2027 में होने जा रहे यूपी विधानसभा चुनावों से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा सियासी संकेत देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है। यूपी दौरे के दौरान ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले चुनावों से सबक लिया है और अपनी कमजोरियों को दूर करने का काम किया है। उन्होंने माना कि 2017 के चुनावों में पार्टी को कामयाबी नहीं मिली थी, लेकिन अब संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
'अपनी पिछली गलतियों और कमजोरियों को दूर किया'
ओवैसी ने कहा, 'हमने पिछली बार 2017 में चुनाव लड़ा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब हम और अधिक मेहनत कर रहे हैं। हमने अपनी पिछली गलतियों और कमजोरियों को दूर कर लिया है।' उन्होंने बताया कि 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली और पूरी टीम राज्यभर में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। ओवैसी ने साफ कहा कि अगर बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए कोई गठबंधन बनता है तो उनकी पार्टी उसमें शामिल होने के लिए तैयार है।
'हमने तो बिहार में भी गठबंधन का प्रस्ताव दिया था'
AIMIM सुप्रीमो ने कहा कि विपक्षी वोटों के बंटवारे के लिए उनकी पार्टी को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने कहा, 'मैं वहां गया था और कहा था कि अगर बीजेपी को फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन बनता है तो मैं तैयार हूं। हमारा उद्देश्य यह है कि जहां हमारे उम्मीदवार मजबूत हैं, वहां वे जीतकर विधायक बनें।' ओवैसी ने कहा कि उन्होंने बिहार में भी गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसके लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में चुनाव परिणामों ने सब कुछ साफ कर दिया।
'AIMIM पर वोट काटने का आरोप लगाना सही नहीं'
ओवैसी ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के 3 विधायकों और राष्ट्रीय जनता दल के एक मुस्लिम विधायक ने अपनी ही पार्टी का समर्थन नहीं किया था। ऐसे में केवल उनकी पार्टी पर वोट काटने का आरोप लगाना उचित नहीं है। ओवैसी ने कहा कि जब भी उनकी पार्टी चुनाव लड़ती है, उन पर विपक्षी वोटों को बांटने का आरोप लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार उनकी पार्टी बाबू सिंह कुशवाहा के साथ गठबंधन में थी, जो आज जौनपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं।
कांग्रेस ने AIMIM के साथ गठबंधन की संभावना खारिज की
वहीं, कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने AIMIM के साथ किसी भी संभावित गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ना है तो हर तरह की सांप्रदायिकता का विरोध करना होगा। मसूद ने कहा, 'ऐसा नहीं हो सकता कि एक तरह की सांप्रदायिकता का विरोध करें और दूसरी के साथ हाथ मिला लें। हमें दोनों तरह की सांप्रदायिकता से लड़ना होगा।' हालांकि इमरान मसूद ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद अब आपसी मतभेदों में उलझने का समय नहीं है, बल्कि मिलकर लड़ने का समय है।
सपा के साथ सीट बंटवारे पर क्या बोले इमरान मसूद?
मसूद ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे जैसे फैसले बातचीत के जरिए तय होंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों का चयन खुद करेगी और इस मामले में किसी अन्य दल का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। ऐसे में ओवैसी का गठबंधन को लेकर दिया गया यह बयान राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
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