लखनऊः उत्तर प्रदेश में पैतृक संपत्ति का बंटवारा और किरायेदार एग्रीमेंट करवाना अब और आसान हो गया है। यूपी में पैतृक संपत्ति की अब सिर्फ दस हजार में रुपये में रजिस्ट्री होगी। 5000 हजार रुपये का स्टांप और 5000 हजार रुपये की रजिस्ट्री फीस लगेगी। सीएम योगी ने किरायेदार रजिस्ट्री पर भी बड़ी राहत दी है। किरायेदारी एग्रीमेंट पर स्टाम्प और फीस में 90 प्रतिशत की छूट मिली है। योगी कैबिनेट की मीटिंग में जनता से जुड़े कई अहम फैसले भी हुए हैं।
कैबिनेट में 13 प्रस्ताव किए गए पारित
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को योगी कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में कुल 14 प्रस्ताव आए, जिनमें से 13 प्रस्ताव पारित किए गए। परिवार के ब्लड रिलेशन में संपत्ति दान पर बड़ी राहत दी गई है। अब परिवार के सदस्य को किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी दान करने पर स्टाम्प शुल्क मात्र 5000 रुपये लगेगा।
कैबिनेट की मीटिंग में हुए अहम फैसले
कैबिनेट की मीटिंग में कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को भी मंजूरी है। इसके अलावा ग्लोबल कैपेसिटी सेण्टर नीति की SOP पारित किया गया। इस वित्त वर्ष में 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण/संचालन शुरू होगा। इससे 10 हजार से ज्यादा युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त कर दिया गया है। फर्जी मार्कशीट मामले में जांच के बाद ये बड़ा फैसला लिया गया है। अब छात्रों की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन व संचालन आगरा BR आंबेडकर विश्वविद्यालय करेगा।
शहरी और ग्रामीण सभी कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर मिलेगी राहत
प्रदेश के स्टांप और पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुक्ल देना पड़ता था। 2022 में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में तय हुआ कि पारिवारिक रिश्तों में यदि कोई प्रॉपर्टी दान की जाती है तो उस पर फिक्स्ड 5 हजार रुपए स्टांप लगेगा। लेकिन यह दान केवल आवासीय और कृषि पर लागू था, लेकिन अब यह नियम कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी लागू कर दिया गया है। शहर के अंदर अब तक यह 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत था, लेकिन अब गांव या शहर कहीं भी आपको केवल 5 हजार रुपए ही भुगतान करना है।
प्रावधानों में और स्पष्टता
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पूर्व में जारी अधिसूचना में उल्लिखित संबंधियों की परिभाषा एवं अन्य प्रावधानों को भी और अधिक स्पष्ट किया गया है, जिससे नियमों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। सरकार के इस फैसले को आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहन मिलेगा और विवादों में भी कमी आएगी।
कुशीनगर और झांसी में नए उप निबंधक कार्यालय भवनों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत कैबिनेट ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की भूमि में से 0.0920 हेक्टेयर (920 वर्गमीटर) भूमि को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वर्तमान में उप निबंधक कार्यालय जीर्ण-शीर्ण भवन में संचालित है, जिसे ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर एवं अभिलेखागार के निर्माण हेतु पुरानी तहसील परिसर, मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 3035 में से 0.0638 हेक्टेयर (638 वर्गमीटर) भूमि को राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को आवंटित/हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की। दोनों ही मामलों में भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है, अतः भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत स्टाम्प शुल्क से तथा रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के अंतर्गत पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।