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हाथरस भगदड़ः 'भोले बाबा' का करीबी देव प्रकाश मधुकर दिल्ली से गिरफ्तार, एक लाख रुपये का था इनाम

 Reported By: Gonika Arora, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Jul 05, 2024 11:19 pm IST,  Updated : Jul 06, 2024 06:21 am IST

हाथरस भगदड़ मामले में सत्संग के मुख्य आयोजनकर्ता देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। हाथरस के एसपी ने बताया है कि मधुकर को दिल्ली में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया है।

हाथरस में उस जगह की तस्वीर, जहां हो रहा था सत्संग- India TV Hindi
हाथरस में उस जगह की तस्वीर, जहां हो रहा था सत्संग Image Source : PTI

नई दिल्लीः हाथरस भगदड़ मामले में मुख्य आरोपी और नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का करीबी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी एसटीएफ की टीम ने मधुकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस शनिवार को उसे कोर्ट में पेश करेगी। 

मधुकर पर रखा गया था एक लाख रुपये का इनाम

भगदड़ की घटना के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर का सुराग देने वाले को पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया था। मधुकर घटना के बाद से फरार था। आरोपी की तलाश में यूपी पुलिस राज्य के साथ-साथ पड़ोसी राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में भी तलाश शुरू कर दी थी। 

नारायण साकार हरि उर्फ ‘​​भोले बाबा’ की भी तलाश कर रही है पुलिस

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तमाम एजेंसियां ​​पूछताछ के लिए प्रवचनकर्ता सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ ‘​​भोले बाबा’ की भी तलाश कर रही हैं। हाथरस जिले के फुलरई गांव में दो जुलाई को ‘भोले बाबा’ के सत्संग के बाद मची भगदड़ में कुल 121 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें अधिकतर महिलाएं थीं।

सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस

इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपी के तौर पर सिर्फ मुख्य सेवादार मधुकर का नाम है और सूरजपाल का नाम दर्ज नहीं किया गया है। यह प्राथमिकी हाथरस के सिकंदराराऊ पुलिस थाने में दर्ज की गई जिसमें मधुकर के अलावा ‘कई अज्ञात आयोजकों को भी आरोपी बनाया गया और मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मधुकर से पहले छह लोग गिरफ्तार किए गए थे।

इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 223 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा), 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हाथरस त्रासदी की जांच के लिए हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था। आयोग इस पहलू से भी जांच करेगा कि यह घटना कोई ‘‘साजिश’’ तो नहीं थी। (भाषा इनपुट के साथ)

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