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₹25000 में बिक रहे थे बंद पड़े बैंक अकाउंट के ATM कार्ड, फिर होता था करोड़ों का खेल, चाय-पानी देने वाला निकला मास्टरमाउइंड

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 08, 2026 04:20 pm IST,  Updated : Mar 09, 2026 12:21 am IST

आरोपी डेड बैंक अकाउंट के नए कार्ड बनाकर साइबर ठगों को बेच देता था। साइबर ठग इन खातों में पैसे ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड के जरिए पैसे निकाल लेते थे, जबकि खाता किसी और का होता था और उसे इस बारे में जानकारी भी नहीं होती थी।

Accused on police Custody- India TV Hindi
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बैंक खातों के जरिए चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से जुड़े एक संविदा कर्मचारी समेत पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बैंक में डेस्क पर बैठे कर्मचारियों को चाय-पानी देने वाला संविदा कर्मी ही अंदर की जानकारी का फायदा उठाकर साइबर ठगों का पूरा खेल चला रहा था।

पुलिस ने रविवार थाना हाईवे क्षेत्र की बैकुंठ विहार कॉलोनी से आरोपियों को दबोचा। इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, 1 बैंक पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 1 क्यूआर कार्ड और 2 चेक बुक बरामद किए गए हैं।

बंद पड़े जनधन खातों को बनाया ठगी का हथियार

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी नीरज, जो बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा में संविदा कर्मचारी था, लंबे समय से बंद पड़े जन-धन खातों को निशाना बनाता था। वह इन खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर नए एटीएम कार्ड जारी कर देता था और खातों का पूरा एक्सेस अपने साथियों को सौंप देता था। इसके बाद देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड का पैसा इन्हीं खातों में मंगाया जाता था। रकम आने के बाद गिरोह के सदस्य एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य एक बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले करीब 25 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे। इसी तरह दर्जनों खातों के जरिए लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।

राजस्थान तक फैला नेटवर्क

गिरोह का नेटवर्क केवल मथुरा तक सीमित नहीं था। जांच में सामने आया है कि इसके तार भरतपुर और जयपुर तक जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने जयपुर निवासी भीमू चौधरी नामक व्यक्ति का नाम भी लिया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें नीरज (संविदा बैंक कर्मचारी), मुकुल सिंह, विक्रांत कुमार, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूरा और अनिकेत शामिल हैं।

ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी पुलिस

इस कार्रवाई को साइबर क्राइम थाना मथुरा की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद, निरीक्षक अमित चौहान सहित तकनीकी टीम के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है। मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहे इस साइबर फ्रॉड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बड़े साइबर अपराधों की जड़ अक्सर सिस्टम के अंदर ही छिपी होती है।

(मथुरा से विपिन सारस्वत की रिपोर्ट)

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