उत्तर प्रदेश के मथुरा में बैंक खातों के जरिए चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से जुड़े एक संविदा कर्मचारी समेत पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बैंक में डेस्क पर बैठे कर्मचारियों को चाय-पानी देने वाला संविदा कर्मी ही अंदर की जानकारी का फायदा उठाकर साइबर ठगों का पूरा खेल चला रहा था।
पुलिस ने रविवार थाना हाईवे क्षेत्र की बैकुंठ विहार कॉलोनी से आरोपियों को दबोचा। इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, 1 बैंक पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 1 क्यूआर कार्ड और 2 चेक बुक बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी नीरज, जो बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा में संविदा कर्मचारी था, लंबे समय से बंद पड़े जन-धन खातों को निशाना बनाता था। वह इन खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर नए एटीएम कार्ड जारी कर देता था और खातों का पूरा एक्सेस अपने साथियों को सौंप देता था। इसके बाद देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड का पैसा इन्हीं खातों में मंगाया जाता था। रकम आने के बाद गिरोह के सदस्य एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य एक बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले करीब 25 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे। इसी तरह दर्जनों खातों के जरिए लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।
गिरोह का नेटवर्क केवल मथुरा तक सीमित नहीं था। जांच में सामने आया है कि इसके तार भरतपुर और जयपुर तक जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने जयपुर निवासी भीमू चौधरी नामक व्यक्ति का नाम भी लिया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें नीरज (संविदा बैंक कर्मचारी), मुकुल सिंह, विक्रांत कुमार, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूरा और अनिकेत शामिल हैं।
इस कार्रवाई को साइबर क्राइम थाना मथुरा की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद, निरीक्षक अमित चौहान सहित तकनीकी टीम के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है। मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहे इस साइबर फ्रॉड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बड़े साइबर अपराधों की जड़ अक्सर सिस्टम के अंदर ही छिपी होती है।
(मथुरा से विपिन सारस्वत की रिपोर्ट)
यह भी पढ़ें-
संपादक की पसंद