उत्तर प्रदेश के नोएडा में कई जगहों पर मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें मिलने वाली सैलरी बेहद कम है। कई लोगों को महीने में 10 हजार रुपये मिलते हैं। इतने कम पैसों में गुजारा होना मुश्किल है। इसके अलावा भी मजदूरों ने कई अनियमितताओं की शिकायत की है। कुछ जगहों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। वहीं, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले फेंके हैं।
पूरे गौतमबुद्ध नगर जिले के श्रमिकों के लिए बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को हर महीने की 10 तारीख तक श्रमिकों का वेतन देना अनिवार्य होगा। ओवरटाइम करने पर श्रमिकों को दोगुनी दर से भुगतान किया जाएगा और किसी भी तरह की कटौती दंडनीय होगी। साथ ही, सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य किया गया है।
फैशन कंपनी के अंदर घुसे कर्मचारी
इसके अलावा, त्योहारों के मौके पर श्रमिकों को बोनस देने के निर्देश दिए गए हैं, जिसका भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक सीधे बैंक खातों में करना होगा। श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने डेडीकेटेड कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। डीएम ने श्रमिकों से अफवाहों से दूर रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
मजदूरों का प्रदर्शन चार दिनों से चल रहा है, लेकिन सोमवार को यह हिंसक हो गया। प्रदर्शन करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर नहीं हैं। ये सभी लोग संगठित क्षेत्र की कंपनियों में काम करते हैं, लेकिन कंपनी मालिक नियमों का पालन नहीं करते हैं, जिससे इन लोगों को परेशानी हो रही है। इस घटना से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से जुड़े रहे...