राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों के बीच सोमवार को राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हो रही है। यह बैठक दोपहर तीन बजे राम मंदिर के अंदर ही गेस्ट हाउस में होगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पहले मणि राम दास छावनी में ये मीटिंग होनी थी, लेकिन मीडिया और प्राइवेसी के चलते ट्रस्ट की तरफ से मंदिर परिसर के अंदर मीटिंग करने का फैसला लिया गया। ट्रस्ट मेम्बर्स की मीटिंग अब 6 जुलाई शाम 3 बजे राम मंदिर परिसर में ही होगी।
रविवार एसआईटी ने जेल के अंदर पांच आरोपियों से पूछताछ की। इस दौरान सीओ ने आरोपियों से कुछ प्रॉपर्टीज के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की। हालांकि, बैठक के दौरान चंपत राय के इस्तीफे और एसआईटी की जांच में सामने आए पहलुओं पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी चर्चा होना तय है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे नृत्य गोपाल दास
राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और पूरी संभावना है कि वह मीटिंग में शामिल होंगे। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वह दिल्ली नहीं आ सके। ऐसे में वह लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। 89 साल के नृत्य गोपाल दास को सांस लेने में तकलीफ हुई थी और यूटीआई की परेशानी थी। इस वजह से उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस्तीफा दे चुके हैं चंपत राय और अनिल मिश्रा
राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा चंदा घोटाला सामने आने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं। इस पर सोमवार को चर्चा होगी। अगर इन दोनों या इनमें से किसी एक पदाधिकारी का इस्तीफा स्वीकार होता है तो इनकी जगह नई नियुक्ति पर भी चर्चा होगी। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें से 12 सदस्यों को केंद्र सरकार ने मनोनीत किया था। वहीं, तीन सदस्यों का चुनाव बोर्ड की पहली मीटिंग में हुआ था।
आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है एसआईटी
चंदा चोरी के आरोप लगने पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया, जिसने जांच शुरू की। जांच के दौरान एसआईटी ने चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने चंपत राय, अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की है, लेकिन किसी भी एफआईआर में उनका नाम नहीं है। इन दोनों पर अब तक कोई आरोप भी नहीं लगा है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा है कि ट्रस्ट की वित्तीय प्रणाली पारदर्शी है, लेकिन दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। ऐसे में एसआईटी ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों की पिछले वर्षों की ऑडिट रिपोर्टों की भी जांच कर सकती है।
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