लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने सूबे में अगले साल होने वाले विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने चुनावों के लिए कुल 5 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिसमें 2 शिक्षक और 3 स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हैं। सपा ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वाराणसी-मिर्जापुर खंड से लाल बिहारी यादव और गोरखपुर-फैजाबाद खंड से कमलेश को टिकट दिया है। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में इलाहाबाद-झांसी खंड से डॉ. मान सिंह, वाराणसी-मिर्जापुर खंड से आशुतोष सिन्हा और लखनऊ खंड से कान्ति सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।
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मतदाताओं की सहूलियत पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
बता दें कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव की तैयारियों को लेकर कई अहम फरमान जारी किए हैं। मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी वोटर को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय न करनी पड़े। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति स्नातक और शिक्षक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता है, तो उसे एक ही मतदान केंद्र पर वोट डालने की सुविधा मिलेगी। यह कदम मतदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
नई मतदाता सूची और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
चुनाव के लिए नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिसमें 1 नवंबर, 2025 को अर्हता तारीख तय की गई है। इस बार वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से 6 आवेदन किए जा सकेंगे, और हर आवेदन के लिए अलग ओटीपी भेजा जाएगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद इसे ऑफलाइन जमा करने की जरूरत नहीं होगी। इसके बाद आवेदनों की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मतदाता को फोन के जरिए सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।
किन निर्वाचन क्षेत्रों में होंगे चुनाव?
चुनाव स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी खंडों में होंगे। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शामिल हैं। इन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 7 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके लिए 2026 में चुनाव होंगे। सपा के इस उम्मीदवारों के ऐलान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। अब सभी की निगाहें अन्य दलों की रणनीति और उनके उम्मीदवारों की सूची पर टिकी हैं।