बिजनौर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान कोतवाली शहर पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने शहर में सक्रिय मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दो सगी बहनों को स्मैक और भारी मात्रा में नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। बरामदगी केवल नशे की खेप तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस को ऐसी रकम भी मिली है, जिसे प्रारंभिक जांच में स्मैक की बिक्री से अर्जित धन बताया जा रहा है।
1.50 लाख रुपये की स्मैक पुलिस ने की बरामद
रविवार को कोतवाली शहर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहल्ला मिर्दगान बी-10 निवासी रहनुमा उर्फ नूरी और उसकी बहन तब्बसुम को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से कुल 111.54 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार बरामद स्मैक में 50.35 ग्राम डली के रूप में और 61.19 ग्राम बिट व पुड़ियों के रूप में मिली। इसके अलावा आरोपियों के पास से 88,950 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि यह धनराशि नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त हुई थी।
बहनों की गिरफ्तारी ने खड़े किए कई सवाल
पुलिस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दो सगी बहनें इस कथित कारोबार से कैसे जुड़ीं और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि स्मैक की सप्लाई कहां से आ रही थी और इसे किन इलाकों में खपाया जा रहा था। सूत्रों से पता चला है कि शहर में पिछले कुछ वर्षों से नशे का कारोबार युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में एक ही परिवार की दो बहनों का इस मामले में गिरफ्तार होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले को केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। मोबाइल कॉल डिटेल, संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं है। बरामदगी के आधार पर कोतवाली शहर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नशे के खिलाफ अभियान को मिली बड़ी सफलता
इस बीच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उनका दावा है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि नशे का कारोबार अब केवल सीमावर्ती इलाकों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और मोहल्लों तक इसकी पहुंच बन चुकी है। ऐसे में पुलिस की आगामी जांच यह तय करेगी कि इस मामले के पीछे सिर्फ दो बहनें थीं या फिर कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
रिपोर्ट: रोहित त्रिपाठी
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