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खुलने वाले हैं स्कूल, लू और गर्मी से बचाव के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, टीचर्स और बच्चों के लिए गाइडलाइन जारी

 Published : Jun 28, 2026 07:08 pm IST,  Updated : Jun 28, 2026 07:11 pm IST

भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए योगी सरकार ने स्पेशल गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया गया बच्चों को तेज धूप से बचने के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ- India TV Hindi
सीएम योगी आदित्यनाथ Image Source : PTI

जुलाई का महीना शुरू होने वाला है। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच बच्चों के स्कूल खुल जाएगें। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में विद्यार्थियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव और उनके प्रति जागरूक करने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार इस गाइडलाइन का उद्देश्य शिक्षकों को लू लगने के लक्षणों की पहचान, लू से बचाव, प्राथमिक उपचार तथा विद्यार्थियों की प्रभावी सुरक्षा के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। 

शिक्षक निभाएंगे महत्तवपूर्ण भूमिका

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि भीषण गर्मी और लू से बच्चों की सुरक्षा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके तहत शिक्षक प्रार्थना सभा, कक्षा शिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यालय की दैनिक दिनचर्या के माध्यम से विद्यार्थियों को भीषण गर्मी और लू से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। 

खूब पिएं पानी, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील

योगी सरकार के गाइडलाइन के अनुसार, टीचर्स को बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तेज धूप से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, पानी से भरपूर फलों का सेवन करने तथा लू लगने के शुरुआती लक्षणों की पहचान के प्रति जागरूक करना होगा। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी सिखाया जाएगा कि यदि किसी सहपाठी की तबीयत बिगड़ती है तो वे तुरंत शिक्षक को इसकी सूचना दें। 

हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी विद्यालयों में 'हीट एक्शन प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए हैं जिसके लिए प्रत्येक विद्यालय में एक स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा और संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेगा। 

आपातकालीन नंबर जारी किए जाएं

इसके अलावा टीचर्स, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे तथा विद्यालय परिसर में प्रमुख स्थानों पर भीषण गर्मी से बचाव संबंधी संदेश और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। 

ORS, डिजिटल थर्मामीटर और एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध रखने के निर्देश

गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में प्राथमिक उपचार किट, ओआरएस, डिजिटल थर्मामीटर तथा 108 एंबुलेंस सहित आवश्यक चिकित्सा संपर्क व्यवस्था उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि प्रार्थना सभा, खेलकूद, शारीरिक शिक्षा और अन्य बाहरी गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले आयोजित की जाएं। 

समय-समय पर की जाए मॉकड्रिल

वहीं, गर्मी के 'ऑरेंज' या 'रेड' अलर्ट के दौरान सभी कठिन शारीरिक और बाहरी गतिविधियां स्थगित रखी जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को गर्मी से जुड़ी घटनाओं का रिकॉर्ड रखने, नियमित समीक्षा करने, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट पर लगातार निगरानी बनाए रखने तथा समय-समय पर 'मॉक ड्रिल' आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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