Viral Video : भारत में बिजली कटौती को आम बात माना जाता है, लेकिन क्या अमेरिका जैसे विकसित देश में भी लाइट जाती है? इस सवाल का जवाब देने वाली एक भारतीय महिला की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। महिला ने अमेरिका में रहकर जो अनुभव शेयर किया है, उसे सुनकर कई भारतीय चौंक गए हैं। अमृता सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि अमेरिका के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति लगभग निर्बाध क्यों रहती है। उन्होंने कहा कि वहां सात साल रहने के दौरान उन्होंने कभी बिजली कटौती का सामना नहीं किया।
'अमेरिका में नहीं होती बिजली कटौती'
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @amrita_life_in_usa नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस पोस्ट में भारतीय महिला ने कहा कि, 'भारत में अगर बारिश होती है या तूफान आता है, तो बिजली चली जाती है। लेकिन अमेरिका में किसी को याद भी नहीं रहता कि आखिरी बार बिजली कब कटी थी। मैं यहां सात साल से हूं, लेकिन आज तक बिजली कभी नहीं गई। इसका एक बड़ा कारण भूमिगत वायरिंग है। अमेरिका में आपको खंभों से इतने सारे तार लटकते हुए शायद ही दिखेंगे। क्योंकि ज्यादातर जगहों पर बिजली और इंटरनेट के तार भूमिगत यूटिलिटी बॉक्स के अंदर होते हैं। और हर इलाके में छोटे हरे बॉक्स या धातु के कैबिनेट लगे होते हैं। उनके अंदर कनेक्शन और ट्रांसफार्मर होते हैं। अंडरग्राउंड वायरिंग से सड़कें साफ रहती हैं और खराब मौसम में तारों को नुकसान होने का खतरा कम होता है। इसी वजह से सड़कें साफ दिखती हैं और तूफान के दौरान तारों को नुकसान पहुंचने की संभावना बहुत कम होती है। हां, कुछ राज्यों में तूफान, आंधी या बर्फबारी के कारण बिजली गुल हो सकती है, लेकिन सामान्य दिनों में बिजली कभी नहीं जाती।' वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया गया था, 'यहां बिजली कटौती इतनी दुर्लभ है कि अगर पांच मिनट के लिए भी बिजली चली जाती है, तो लोग बिजली कंपनी को फोन करते हैं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'अमेरिका जाने के बाद आपको जो सबसे बड़ा अंतर नज़र आता है, वह यही है।' दूसरे ने लिखा कि, 'भारत में हमें बिजली कटौती की इतनी आदत हो गई है कि अब हम शिकायत भी नहीं करते।' तीसरे ने लिखा कि, 'अंडरग्राउंड वायरिंग से बुनियादी ढांचे और सुरक्षा में वाकई बहुत बड़ा फर्क पड़ता है।' चौथे ने लिखा कि, 'हर देश को इस तरह के बुनियादी ढांचे का लक्ष्य रखना चाहिए।' पांचवें ने लिखा कि, 'पांच मिनट बिजली न होने पर लोग कंपनी को फोन करना शुरू कर देते हैं, इससे ही पता चलता है कि सिस्टम कितना भरोसेमंद है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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