आज के समय में EMI के बारे में शायद ही कोई नहीं जानता होगा। आजकल लगभग हर इंसान को EMI के बारे में पता है और लोग कभी न कभी तो Loan पर कुछ न कुछ खरीदते ही हैं और फिर उसका पैसा किश्तों में यानी EMI में चुकाते हैं। अगर उदाहरण की बात करें तो iPhone सबसे बड़ा उदाहरण होगा। आपको ऐसे कई सारे लोग मिल जाएंगे जिनके पास iPhone होगा और पूछेंगे कि कैसे लिया तो बोलेंगे कि Loan पर लिया है और अभी EMI दे रहा हूं। इसके अलावा भी लोग कई सारी चीजों को लोग Loan पर लेकर उसके पैसे EMI में चुकाते हैं। आपने भी कभी न कभी या फिर कई बार चीजों के पैसे EMI में ही चुकाए होंगे लेकिन एक सवाल का जवाब आप भी नहीं दे पाएंगे और वो सवाल यह है कि EMI का फुल फॉर्म क्या है। चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं।
EMI का फुल फॉर्म आखिर क्या है?
आज के समय में EMI लगभग हर किसी की लाइफ का हिस्सा बन गया है। लोग कभी न कभी और कुछ न कुछ तो EMI पर ले ही लेते हैं मगर किसी ने शायद ही कभी यह जानने की कोशिश की होगी कि इसका पूरा नाम क्या है। अगर किसी से आप पूछेंगे कि EMI का फुल फॉर्म क्या है तो लोग कुछ भी फुल फॉर्म बनाकर बता देंगे। उदाहरण के लिए कोई आपको EMI का फुल फॉर्म 'Easy Monthly Installment' बता सकता है और यह शायद आपको सच भी लगे मगर EMI का फुल फॉर्म यह नहीं है। आपको बता दें कि EMI का फुल फॉर्म Equated Monthly Installment है।
कहां से हुई थी EMI की शुरुआत?
आपने EMI का फुल फॉर्म तो जान लिया लेकिन क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि आखिर इस EMI की शुरुआत कहां से हुई है। आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो EMI का कॉन्सेप्ट अमेरिका में शुरु हुआ था। ऐसा बताया जाता है कि 1970 के दशक में यह कॉन्सेप्ट वहां फेमस हुआ। वहीं भारत की बात करें तो यहां साल 2016 में फ्लिपकार्ट ने इस कॉन्सेप्ट को पेश किया था।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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