श्रीलंका में सॉफ्टवेयर की नौकरी से निकाले जाने के बाद एक युवा इंजीनियर ने अनिश्चितता को अवसर में बदल दिया। इसके बाद उन्होंने गांव में एक छोटी सी सुपरमार्केट खोल दी। अचानक नौकरी छूटने के कारण शुरू हुआ यह व्यवसाय अब एक स्थानीय व्यवसाय में बदल गया है। अपनी लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से उन्होंने बताया कि उनका स्टोर अब रोजाना 50,000 रुपये का कारोबार कर रहा है। जो इस बात का प्रतीक है कि इलाके में इसकी मांग कितनी तेजी से बढ़ी है।
लिंक्डइन पोस्ट हुई वायरल
इस पोस्ट को लिंक्डइन पर @SamithaSulakkana नामक हैंडल से शेयर किया गया है। कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'कुछ महीने पहले, मेरी कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई थी। कई पेशेवरों की तरह, मैं भी अचानक भविष्य को लेकर अनिश्चितता में घिर गया। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग स्नातक होने के नाते, मैंने हमेशा प्रौद्योगिकी उद्योग में अपना करियर बनाने का सपना देखा था। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग आज भी मेरा जुनून है और मैं इससे जुड़ा रहना चाहता हूं। हालांकि, उस चुनौतीपूर्ण दौर में मुझे एहसास हुआ कि अवसर हमेशा हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलते। किसी और अवसर की प्रतीक्षा करने के बजाय, मैंने खुद एक अवसर बनाने का फैसला किया। मेरे गांव में स्थानीय समुदाय की ज़रूरतों को पूरा करने वाला कोई छोटा सुपरमार्केट नहीं थी। मुझे एक जरूरत और एक व्यावसायिक अवसर दोनों नजर आए, इसलिए मैंने सोच-समझकर जोखिम उठाया और अपनी दुकान खोली। शुरू से ही मैं कुछ अलग करना चाहता था। एक पारंपरिक दुकानदार की तरह काम करने के बजाय, मैंने अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग करके ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाया।'

रोजाना हो रही 50 हजार की बिक्री
पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताते हैं कि, 'अपने पहले कदम के रूप में, मैंने कैश ऑन डिलीवरी के साथ एक सरल ऑनलाइन ऑर्डरिंग सिस्टम विकसित किया, जिससे ग्राहकों को घर बैठे ही आसानी से ऑर्डर देने की सुविधा मिलती है। तीन महीने बाद, कारोबार बढ़कर प्रतिदिन 50,000 रुपये से अधिक हो गया है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्राहकों से प्रतिदिन बातचीत करने और अपने समुदाय की जरूरतों को समझने से मुझे बहुमूल्य अनुभव प्राप्त हुआ है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट के वायरल होते ही इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'शानदार। समिथा, आप सचमुच प्रेरणादायक हैं।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'मेरे साथ भी पिछले साल यही हुआ था, दोस्त। इसलिए मैंने अपना खुद का कपड़ों का ब्रांड शुरू किया। गुणवत्ता आश्वासन (QA) सिर्फ सॉफ्टवेयर के लिए नहीं है; यह हमारे आसपास की हर चीज के लिए ज़रूरी है। अब मैं एक गुणवत्ता-सुनिश्चित कपड़ों के ब्रांड का मालिक हूं, जो अपने ग्राहकों के लिए खूबसूरत पोशाकें बनाता है। आगे बढ़ते रहो, सफलता की सीढ़ी पर अभी और भी सीढ़ियां चढ़नी हैं।'
तीसरे ने लिखा कि, 'तुम पर गर्व है, समिथा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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