Viral Video : बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बड़ी कंपनी में कम सैलरी को बेहतर बताया है। बजाय छोटी कंपनी में ज्यादा सैलरी के आज के अनिश्चित नौकरी बाजार में एक बड़ी कंपनी में कम वेतन एक छोटी कंपनी में अधिक वेतन से बेहतर है। सनी कुमार ने एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में यह सलाह शेयर की। इसमें उन्होंने एक ऐसे दोस्त का जिक्र किया जिसने एक कंसल्टेंसी फर्म से 60 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिलने के बाद पुणे में मास्टरकार्ड में अपनी नौकरी छोड़ दी थी।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @growth_spree नामक हैंडल से शेयर किया गया है। शख्स के अनुसार, उनके दोस्त की सैलरी अच्छी थी, उनका काम स्थिर था और वे मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, काफी अधिक सैलरी पैकेज के प्रपोजन ने उन्हें जॉब स्विच के लिए प्रेरित किया। हालांकि, कंसल्टेंसी में शामिल होने के महज छह महीने बाद ही कंपनी ने वह प्रोजेक्ट खो दिया जिसके लिए उनके दोस्त को नियुक्त किया गया था। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें इस्तीफा देने या बर्खास्तगी का सामना करने के लिए कहा गया। इस घटना को उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल करते हुए कुमार ने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे केवल अधिक वेतन के लिए नौकरी बदलने से पहले दो बार सोचें।
'सैलरी में 60-70% हाइक के लिए जॉब मत बदलो,'
टेक प्रोफेशनल ने कहा कि, 'अगर आप एक स्थिर नौकरी, अच्छी तनख्वाह और अच्छी कंपनी में काम कर रहे हैं, तो मैं आपको यही सलाह दूंगा कि भले ही आपको 60-70% या 100% तक की वेतन वृद्धि मिल रही हो, कम से कम छह महीने से एक साल तक नौकरी न बदलें। आजकल आईटी सेक्टर बहुत अस्थिर है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां यूजर्स ने उनकी सलाह पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने नौकरी की सुरक्षा के महत्व से सहमति जताई, लेकिन मेट्रो शहर में रहने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कमेंट में लिखा था, 'कुछ हद तक आप सही हैं, लेकिन मेट्रो शहर में कम वेतन से कमरे का किराया और किराने का सामान खरीदना मुश्किल हो जाता है। इसलिए दूसरों की बातों से प्रभावित होकर नहीं, बल्कि अपने विवेक से नौकरी बदलना बेहतर है। और हां, मास्टरकार्ड एक अच्छा विकल्प है, कभी-कभी हमें यह समझना चाहिए कि यह सिर्फ वेतन वृद्धि के बारे में नहीं है, बल्कि उस स्थिरता के बारे में है जो हमें मिलती है।'
दूसरे ने लिखा कि, 'मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मैं एक बड़ी कंपनी से दूसरी बड़ी कंपनी में जाता रहूं। क्योंकि मैं एक छोटी कंपनी में अपनी नौकरी खोने का जोखिम और दैनिक तनाव बर्दाश्त नहीं कर सकता।'
कई यूजर्स ने बताया कि बड़ी कंपनियां भी छंटनी से अछूती नहीं हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'कोई भी कंपनी सुरक्षित नहीं है... मुझे 15 जून को एचएसबीसी से निकाल दिया गया।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'क्या होगा अगर उसे मास्टरकार्ड से भी निकाल दिया जाए... क्योंकि आजकल बड़ी कंपनियां बहुत ज्यादा पुनर्गठन कर रही हैं।'
चौथे यूजर ने कहा, 'आपको बड़ी कंपनी और छोटी कंपनी दोनों से नौकरी से निकाला जा सकता है। फर्क सिर्फ इतना है कि एक कंपनी ने आपको वहां काम करते समय 60% अधिक वेतन दिया था।'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'यह छोटी या बड़ी कंपनियों की बात नहीं है। यहां तक कि कुछ सबसे बड़ी कंपनियां भी छंटनी कर रही हैं। संक्षेप में कहें तो... SaaS कंपनियों से बचें। दूसरा, कंपनी का गहन विश्लेषण करें, उनकी वैश्विक कर्मचारी संख्या, भारत में कर्मचारी संख्या, कुल राजस्व, शुद्ध लाभ, उनकी भविष्य की योजनाएं, AI में निवेश, आजकल बहुत सी चीजों की जांच करना जरूरी है... अगर किसी को कोई सुझाव चाहिए तो बेझिझक फॉलो करें या DM करें।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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