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बंगाल की जनता ने ममता सरकार को पूरी तरह नकारा, 22 मंत्री नहीं बचा सके अपनी सीट; CM भी हारीं

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Amar Deep
 Published : May 05, 2026 01:52 pm IST,  Updated : May 05, 2026 01:52 pm IST

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के 22 मंत्री खुद अपनी सीट नहीं बचा सके। वहीं ममता बनर्जी को भी हार का सामना करना पड़ा। टीएमसी की यह हार दिखाती है कि जनता ने ममता सरकार को पूरी तरह से नकार दिया है।

जनता ने ममता सरकार को नकारा।- India TV Hindi
जनता ने ममता सरकार को नकारा। Image Source : PTI

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी सरकार के 35 मंत्रियों में से 22 हार गए। बड़ी बात तो ये रही कि मुख्यमंत्री खुद अपने निर्वाचन क्षेत्र से हार गईं। मंत्रिमंडल के 63% सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सके। यह राज्य में शासन करने वाले नेतृत्व की सीधी हार है। मतदाताओं ने न केवल उम्मीदवारों के खिलाफ मतदान किया है, बल्कि उन्होंने टीएमसी के नेतृत्व को ही नकार दिया है। इस हार को और भी महत्वपूर्ण बनाने वाली बात यह है कि हारने वाले मंत्री कौन थे। महिला एवं बाल विकास, उद्योग, आवास, बिजली, शिक्षा, परिवहन और पिछड़े वर्ग जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने वाले मंत्रियों को मतदाताओं ने नकार दिया है।

टीएमसी के 22 मंत्री जिन्हें मिली हार-

  1. ममता बनर्जी (मुख्यमंत्री) - भवानीपुर (159)
  2. अरूप बिस्वास (आवास, बिजली) - टॉलीगंज (152)
  3. ब्रत्य बसु (उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा) - दमदम (114)
  4. चंद्रिमा भट्टाचार्य (पर्यावरण, वित्त, कार्यक्रम निगरानी) - दमदम उत्तर (110)
  5. शशि पांजा (उद्योग, वाणिज्य और उद्यम; महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण) - श्यामपुकुर (166)
  6. सुजीत बोस (अग्नि एवं आपातकालीन सेवाएं) - बिधाननगर (116)
  7. इंद्रनील सेन (तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास; पर्यटन) - चंदननगर (189)
  8. बेचराम मन्ना (कृषि विपणन) - सिंगूर (188)
  9. स्वपन देबनाथ (पशु संसाधन विकास) - पूर्बस्थली दक्षिण (268)
  10. बुलु चिक बड़ाईक (पिछड़ा वर्ग कल्याण, जनजातीय विकास) - माल (20)
  11. प्रदीप मजूमदार (सहकारिता, पंचायत और ग्रामीण विकास) - दुर्गापुर पुरबा (276)
  12. बिरबाहा हांसदा (वन, स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार) - बिनपुर (237)
  13. मानस रंजन भुनिया (सिंचाई और जलमार्ग, जल संसाधन जांच और विकास) - सबंग (226)
  14. मोलॉय घटक (श्रम) - आसनसोल उत्तर (281)
  15. सिद्दीकुल्लाह चौधरी (जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवाएं) - मोंटेश्वर (263)
  16. उदयन गुहा (उत्तरी बंगाल विकास) - दिनहाटा (7)
  17. संध्यारानी टुडू (पश्चिमांचल उन्नयन मामले) - मनबाज़ार (243)
  18. बंकिम चंद्र हाजरा (सुंदरबन मामले) - सागर (132)
  19. उज्ज्वल बिस्वास (विज्ञान और प्रौद्योगिकी और जैव-प्रौद्योगिकी) - कृष्णानगर दक्षिण (85)
  20. स्नेहासिस चक्रवर्ती (परिवहन) - जंगीपारा (195)
  21. श्रीकांत महतो (राज्य मंत्री - उपभोक्ता मामले) - सालबोनी (234)
  22. सत्यजीत बर्मन (राज्य मंत्री - स्कूल शिक्षा) - हेमताबाद (33)

इन मंत्रियों को मिली बड़ी हार

बता दें कि टीएमसी के उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री शशि पांजा श्यामपुकुर सीट से भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती से 14600 से अधिक वोटों से हार गए। इसके अलावा टीएमसी के पूर्व मंत्री निर्मल मांझी गोघाट सीट भाजपा के प्रशांत दिगर से 49500 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हार गए। टीएमसी के उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदय गुहा दिन्हाटा सीट से भाजपा के अजय राय से 17400 से अधिक वोटों से हार गए। टीएमसी मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी मोंटेस्वर सीट से भाजपा के सैकत पांजा से 14700 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हार गए। वहीं पश्चिम बंगाल के सहकारिता मंत्री प्रदीप मजूमदार दुर्गापुर पुरबा सीट से भाजपा के चंद्रशेखर बनर्जी से 30900 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हार गए। इसी तरह पर्यावरण मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य दमदम उत्तर सीट से भाजपा के सौरव सिकदर से 26400 से अधिक वोटों के अंतर से हार गईं।

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