कोलकाता: पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर है। तृणमूल कांग्रेस ने अपने 2 विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। टीएमसी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रता बनर्जी को निष्कासित कर दिया। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी के सत्ता से बेदखल होने के बाद पार्टी नेताओं के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच आया है।
एक बयान में, टीएमसी ने कहा कि साहा और बनर्जी रविवार को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए, और यह भी कहा कि यह देखा गया है कि दोनों नेताओं ने ऐसे बयान दिए हैं जो तृणमूल के हितों के लिए हानिकारक हैं।
अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, सीआईडी फिर घर पहुंची
पश्चिम बंगाल से दूसरी बड़ी खबर ये है कि पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (CID) ने हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच तेज कर दी है। CID के जांचकर्ताओं ने सोमवार शाम को कालीघाट इलाके में स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास का दौरा किया। जांच एजेंसी ने अभिषेक बनर्जी के आवास पर 48 घंटे से कुछ अधिक समय में सोमवार शाम को दूसरी बार दौरा किया।
स्वास्थ्य कारणों से मांगी थी मोहलत
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अभिषेक बनर्जी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जांच एजेंसी से पेशी के लिए 15 दिन का समय मांगा था। CID के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच टीम सोमवार शाम करीब 5:30 बजे अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची और जांच के तहत परिसर का वीडियो बनाया।
उन्होंने कहा, "परिसर का दस्तावेजीकरण करने और सबूत जुटाने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है।" अधिकारी ने कहा, "जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है। मामले से जुड़े आवश्यक बयान और सामग्री की जांच की जा रही है।" तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को तब हमला किया गया था, जब वह दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा के एक कथित पीड़ित के घर गए थे। उस शाम उन्होंने दो निजी अस्पतालों में उपचार कराया, जिस दौरान पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी ने राज्य की जांच एजेंसी के समन के तहत सोमवार को सीआईडी अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं होने के लिए स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने शनिवार को अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी करके भवानी भवन स्थित अपने मुख्यालय में पेश होने को कहा था। यह नोटिस विपक्ष के नेता के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन में विधानसभा सचिवालय को सौंपे एक पत्र में विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करने के आरोप की जांच के सिलसिले में जारी किया गया है। नोटिस की तामील बनर्जी के कालीघाट रोड स्थित आवास पर कराई गई थी।
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