उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में अभी चुनाव प्रचार जोर भी नहीं पकड़ा है कि हिंसक झड़प की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। ताजा मामला बारानगर निर्वाचन क्षेत्र का है, जहां पर बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता भिड़ गए और बात इतनी बढ़ी की मारपीट शुरू हो गई। विवाद होर्डिंग और फ्लेक्स बोर्ड लगाने को लेकर शुरू हुआ। बहसबाजी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है।
टीएमसी उम्मीदवार का आरोप- कार्यकर्ताओं को हॉकी स्टिक से पीटा गया
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बात इतनी बढ़ गई कि बारानगर विधानसभा के बीजेपी उम्मीदवार सजल घोष और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रत्याशी सायंतिका बनर्जी भी मौके पर आ गए। दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे पर नारे लगाने शुरू कर दिए। सायंतिका ने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता प्रचार कर रहे थे। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हॉकी स्टिक से पीटा।
बीजेपी का भी आया बयान
वहीं, दूसरी ओर बीजेपी बिल्कुल अलग दावा कर रही है। बीजेपी नेता सजल घोष ने कहा, 'हमारा होर्डिंग पिछले 2-3 दिनों से यहां था। आज उन्होंने हमारा होर्डिंग हटाकर अपना होर्डिंग लगा दिया। इसका जो भी नतीजा होगा, सो होगा।
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर साधा निशाना
वहीं, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के जरिये लोगों का ''मताधिकार छीनने'' की कोशिश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कोलकाता में रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद हजारों नमाजियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों का एसआईआर राज्य में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की ''व्यापक कोशिश'' का हिस्सा है। तृणमूल का दावा है कि एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक सौहार्द की पश्चिम बंगाल की पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने वाली ताकतों को राज्य सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा, ''बंगाल एकता में विश्वास करता है। हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई यहां सभी साथ रहते हैं। हम किसी को भी इस सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने नहीं देंगे।