पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने तुलसी पौधे के आसपास हो रही राजनीति पर बयान देते हुए कहा, 'अगर बेलूर मठ के आसपास दरगाह हो सकती है तो ऐसी राजनीति क्यों? पौधे कहीं भी पवित्रता के साथ लगाए जा सकते हैं। कुछ पौधों को उनके दिव्य संबंधों के कारण महत्व दिया जाता है। हम शिव, मां दुर्गा, मां काली को बेलपत्र चढ़ाते हैं। आम के पत्ते का अपना महत्व है। मेरे घर में भी तुलसी की 40 किस्में हैं। तुलसी के पौधे में लक्ष्मी और नारायण हैं। तुलसी का पौधा कहीं भी नहीं होना चाहिए, उसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए।'
तुलसी पौधे के विवाद पर ममता बनर्जी का बयान
ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'एक फल विक्रेता त्योहार मनाने के लिए घर गया था। आपने उसका अपमान करते हुए उसकी जगह पवित्र तुलसी का पौधा लगा दिया। हम जगन्नाथ और श्रीकृष्ण को तुलसी चढ़ाते हैं। अगर आपको तुलसी लगानी थी तो अपने घर में क्यों नहीं लगाई। मैं यह बात उन सभी से कह रही हूं जो नीच राजनीति करते हैं। यह अन्याय है और हमारे देवताओं का अपमान है। लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। दुर्गापूजा के दौरान बहुत से लोग अपने पैतृक घरों में जाते हैं। क्या हम उनके घरों पर कब्जा कर सकते हैं। आप लोगों को क्या सिखा रहे हैं।'
भाजपा पर ममता बनर्जी का निशाना
आगे भाजपा पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'जिस तरह से भाजपा संविधान को बदलने और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है, उसे देखते हुए हम रोज संविधान हत्या दिवस मना सकते हैं। आप (भाजपा) जुमला पार्टी हो। आप अपना एजेंडा थोप रहे हैं। हर राज्य की डेमोक्रेसी को तोड़ दिया है। आपने संसद भवन छीन लिया और नया बनाया है। महाराष्ट्र में और फिर बिहार में आपने सरकार तोड़ी। आपको शर्म आनी चाहिए। राजस्थान में क्या चल रहा है, मणिपुर में क्या हो रहा है, आपको शर्म आना चाहिए।'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल पश्चिम बंगाल के माहेशतला (दक्षिण 24 परगना) में 11 जून 2025 को तुलसी के पौधे को लेकर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। विवाद तब शुरू हुआ जब एक फल विक्रेता (अल्पसंख्यक समुदाय) ने अपनी दुकान की जगह पर तुलसी मंच बनाए जाने का विरोध किया। इससे दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ा, जिसके बाद भीड़ ने शिव मंदिर पर हमला किया, तुलसी पौधे को उखाड़ा, और दुकानों-घरों में तोड़फोड़ की। 60 से अधिक लोग, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, घायल हुए, और 40 लोग गिरफ्तार किए गए। इसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया। बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हिंदू-विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने तुलसी पौधे के साथ राजभवन तक मार्च किया। वहीं, TMC ने बीजेपी पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का उपयोग किया। इलाके में तनाव बना हुआ है, और पुलिस दोनों पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।
(इनपुट-भाषा)