1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. 'कोलकाता में इस बार दिवाली पर कम रहा प्रदूषण', जानें बंगाल की राजधानी में क्या रहा AQI का हाल

'कोलकाता में इस बार दिवाली पर कम रहा प्रदूषण', जानें बंगाल की राजधानी में क्या रहा AQI का हाल

 Published : Oct 21, 2025 04:34 pm IST,  Updated : Oct 21, 2025 04:34 pm IST

कोलकाता में इस दिवाली और काली पूजा पर प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में कम रहा। पुलिस की सक्रियता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया, हालांकि कुछ इलाकों में तय समय के बाद भी पटाखे फोड़े गए, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हुई।

Kolkata air quality, Diwali pollution, Kolkata AQI, PM 2.5- India TV Hindi
कोलकाता में दिवाली के मौके पर जमकर आतिशबाजी हुई है। Image Source : PTI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस बार दिवाली और काली पूजा के मौके पर प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में काफी कम रहा। कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने मंगलवार को इस बारे में दावा करते हुए कहा कि शहर में न सिर्फ हवा की गुणवत्ता बेहतर रही, बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी नियंत्रण में रहा। उन्होंने कहा कि कोलकाता का प्रदर्शन इस मामले में देश के अन्य बड़े शहरों से बेहतर रहा। कमिश्नर वर्मा ने बताया, 'इस बार ध्वनि प्रदूषण 90 डेसिबल से नीचे रहा, जो कि 125 डेसिबल की तय सीमा से काफी कम है। सोमवार शाम 6 बजे तक कोलकाता की हवा की गुणवत्ता देश के ज्यादातर बड़े शहरों से बेहतर थी। रात 10 बजे या आधी रात तक के आंकड़ों का विश्लेषण होने पर पूरी तस्वीर और साफ होगी।'

पुलिस की सक्रियता से नियमों के उल्लंघन में कमी

वर्मा ने बताया कि शहर में नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस की टीमें मुस्तैद थीं। इन टीमों ने अलग-अलग इलाकों में गश्त की और पाया कि इस बार प्रदूषण नियंत्रण के मामले में स्थिति पहले से बेहतर थी। नियमों का उल्लंघन करने की घटनाएं भी कम देखी गईं। हालांकि, पर्यावरणविदों का कहना है कि जमीनी हकीकत कुछ और थी। उनके अनुसार, शहर में कई जगहों पर रात 10 बजे की तय समय सीमा के बाद भी पटाखे फोड़े गए। कुछ इलाकों में तो देर रात 2 बजे तक तेज आवाज वाले गैरकानूनी पटाखों का इस्तेमाल हुआ। पर्यावरणविदों ने बताया कि इन पटाखों की वजह से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खासी परेशानी हुई। कुछ जगहों पर तो चलती ट्रेनों की ओर पटाखे फेंके गए, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।

कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में क्या रहा AQI?

पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) के एक अधिकारी ने बताया कि काली पूजा की रात को तय समय यानी कि रात 8 से 10 बजे के बाद भी पटाखों के इस्तेमाल से हवा की गुणवत्ता खराब हुई। रात 10 बजे विक्टोरिया मेमोरियल मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 186 (PM 2.5) दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। हावड़ा के पद्मपुकुर में AQI 361 ('गंभीर') और घुसुरी में 252 ('बहुत खराब') रहा। कोलकाता के बल्लीगंज में AQI 173 और जादवपुर में 169 था। रबींद्र भारती यूनिवर्सिटी (सिंथी) में यह 167 रहा। अधिकारी ने बताया कि रात 8 बजे तक AQI के आंकड़े इस प्रकार थे: विक्टोरिया (164), जादवपुर (159), फोर्ट विलियम (117), बेलूर मठ (161), रबींद्र भारती यूनिवर्सिटी (102) और बल्लीगंज (134)। इन आंकड़ों से साफ है कि रात बढ़ने के साथ हवा की गुणवत्ता थोड़ी खराब जरूर होती गई। (PTI)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।