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पंजाब: '1-2 साल में खत्म हो जाएगी पराली की समस्या', बठिंडा एडीसी ने किया बड़ा दावा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 20, 2025 10:32 pm IST,  Updated : Oct 20, 2025 10:32 pm IST

बठिंडा एडीसी ने कहा कि अधिकारी किसानों के साथ बैठक कर उन्हें पराली प्रबंधन के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस साल अब तक बठिंडा में पराली जलाने की सिर्फ एक घटना हुई है।

Poonam Singh- India TV Hindi
बठिंडा एडीसी पूनम सिंह Image Source : ANI

पंजाब के बठिंडा में इस साल पराली जलाने की केवल एक घटना सामने आई है। बठिंडा एडीसी ने सोमवार को कहा कि अगले दो वर्षों में यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे को हल करने के लिए प्रशासन के प्रयासों और हितधारकों के साथ समन्वय पर जोर डाला। बठिंडा की अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) पूनम सिंह बठिंडा ने बताया कि अधिकारी किसानों के साथ बैठक कर उन्हें पराली प्रबंधन के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

एडीसी सिंह ने कहा,"अब तक बठिंडा में पराली जलाने की केवल एक घटना हुई है। हमारी पूरी टीम बठिंडा में बहुत सक्रिय है। हमारे कृषि अधिकारी हर जगह यात्रा कर रहे हैं और किसानों को पराली प्रबंधन के लाभों के बारे में शिक्षित कर रहे हैं। जिस तरह से जिला प्रशासन काम कर रहा है और अगर हम इसी तरह उद्योगों के साथ समन्वय करना जारी रखते हैं तो पराली की समस्या 1-2 साल में हल हो जाएगी।"

पराली जलाना बड़ी समस्या

पंजाब और अन्य उत्तरी राज्यों में पराली जलाना एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय रहा है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि होती है और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा होते हैं, खासकर सर्दियों के महीनों में जब धुआं कोहरे के साथ मिलकर स्मॉग बनाता है। सरकार ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के स्थायी तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इस पर सख्त प्रतिबंध लगाया है, जैसे कि अवशेष प्रबंधन के लिए बायो-डीकंपोजर या मशीनी उपकरणों का उपयोग करना। अमृतसर की उपायुक्त साक्षी साहनी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि पंजाब के अमृतसर में पराली जलाने के मामलों में पिछले साल की तुलना में 80 प्रतिशत की कमी आई है।

पराली जलाने की घटनाओं में 80 फीसदी की कमी

साक्षी साहनी ने बताया था, "अमृतसर में 60 प्रतिशत कटाई हो चुकी है, यह एक सब्जी बेल्ट है, इसलिए कटाई जल्दी शुरू हो जाती है। पिछले साल, हमारे पास पराली जलाने की लगभग 378 घटनाएं हुई थीं और इस साल हमारे पास 73 घटनाएं हैं, जो पिछले साल की तुलना में 80 प्रतिशत कम है।" इससे पहले, पर्यावरण अभियंता सुखदेव सिंह ने बताया कि पंजाब में 15 सितंबर से 27 सितंबर तक पराली जलाने के 45 मामले सामने आए , जिनमें से 22 जगहों पर आग लगने का पता चला। 22 जगहों पर पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है और नुकसान की भरपाई भी कर ली गई है। (एएनआई)

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