नई दिल्ली: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का आज शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना था लेकिन हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को कल सुबह तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इस वजह से पीएम मोदी संबोधन टल गया। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की महिला सांसदों को पीएम मोदी की कुर्सी तक भेजा गया। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि उनका मकसद बीजेपी सांसदों पर अटैक करना था।
7 महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी घेरी
दरअसल, वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में करीब 7 महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी घेर ली। एक बड़ा सा बैनर लेकर पीएम मोदी की कुर्सी को घेर लिया। वहीं वैल में खड़े कांग्रेस के बाकी सांसद प्लेकार्ड्स लहरा रहे थे। पीएम मोदी उस वक्त पार्लियामेंट में पहुंच चुके थे। अपने ऑफिस में बैठे थे। कांग्रेस के सांसदों की रणनीति थी कि जैसे ही मोदी सदन में आएं तो उन्हें अपनी सीट पर पहुंचने से रोका जाए। हालांकि उस समय स्पीकर की चेयर पर बैठी संध्या राय ने हंगामा करने वाले सांसदों को समझाने की कोशिश की। लेकिन हंगामा जारी रहा तो डेढ़ मिनट के भीतर ही संध्या राय ने लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।
बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि सदन में आज जो हुआ वैसा पहले कभी नहीं हुआ था। कांग्रेस ने महिला सांसदों को आगे करके बीजेपी के नेताओं पर हमले की साजिश रची थी। कांग्रेस की महिला MPs निशिकांत दुबे की कुर्सी तक पहुंच गई थी। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आज कांग्रेस ने महिला सांसदों को आगे करके घटिया हरकत की है। मेघवाल ने कहा कि गांधी नेहरू परिवार सत्ता पर अपना जन्मजात हक मानता है। उन्हें ये सहन ही नहीं हो रहा है कि एक गरीब पिछड़े वर्ग का व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया और उसे बार बार जनता का आशीर्वाद क्यों मिल रहा है?
निशिकांत दुबे के भाषण से भड़की कांग्रेस
दरअसल, आज निशिकांत दुबे किताबों का पूरा पुलिंदा लेकर पहुंच गए और सदन में कांग्रेस के नेताओं का इतिहास बताने लगे। इस पर कांग्रेस के सांसदों ने जमकर हंगामा किया। फिर कांग्रेस के सांसद स्पीकर के चैंबर में पहुंच गए वहां भी जमकर नारेबाज़ी हुई। इस दौरान पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरण रिजिजू समेत सत्ता पक्ष के सांसद भी वहां मौजूद थे। कांग्रेस के नेताओं ने किरण रिजिजू के साथ भी बहस की। विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्पीकर ने ये कह कर मामले को शांत किया कि विपक्ष के नेता अपनी शिकायत लिखकर दें। वो उस पर विचार करेंगे। इसके बाद कांग्रेस के नेताओं ने सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।


