प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी कोलकाता ने फिएविन ऐप आधारित ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग घोटाले के आरोप 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कॉसीपोर (cossipore) पुलिस स्टेशन ने शुक्रवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत एक केस दर्ज किया था। इसमें ऑनलाइन गेमिंग ऐप 'फिएविन' के माध्यम से धोखाधड़ी और साजिश का आरोप लगाया गया था।
पीएमएलए के तहत जांच में पाया गया है कि चीनी नागरिकों ने भारतीय नागरिकों की मदद से ऐप का संचालन किया था। फिएविन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन गेमर्स से मिले फंड कई लोगों (रिचार्ज लोग) के बैंक खातों में जमा किए गए थे। जिन्होंने ऐप मालिकों द्वारा अपने खातों का उपयोग करने की अनुमति दी थी।
ईडी की जांच में पता चला कि ओडिसा के रहने वाले आरुण साहू और आलोक साहू ने रीचार्ज व्यक्ति के रूप में काम किया था। उनके बैंक खातों में फिएविन ऐप से मिले फंड को क्रिप्टो करेंसी में ट्रांसफर किया गया था। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी जमा की और रकम को निकाला भी था।
जांच में पता चला कि पटना के रहने वाले चेतन प्रकाश जो एक इंजीनियर हैं। मनी लांड्रिंग गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने ऐसे रीचार्ज व्यक्तियों की मदद की जो रुपए को क्रिप्टो करेंसी (USDT) में ट्रांसफर करने में मदद करते थे। चेन्नई का रहने वाला एक अन्य शख्स जोसेफ स्टालिन जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने चीनी नागरिक पाई पेंग्यून को स्टूडियो 21 प्राइवेट लिमिटेड का सह-निदेशक बनाने में मदद की। जो कि उसकी कंपनी है।
पाई पेंग्यून ने स्टूडियो 21 प्राइवेट लिमिटेड के खाते का उपयोग ऐप से संबंधित बल्क पेआउट (bulk payout) सेवाओं के लिए किया। इससे गेमर्स को शुरुआत में विश्वास हासिल करने में मदद मिली। साथ ही ऐप उपयोगकर्ताओं से बड़े दांव लगाने के लिए मोटिवेट किया।
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