एसएससी "ग्रुप सी" भर्ती भ्रष्टाचार मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को जमानत मिल गई है। पार्थ चटर्जी को 90 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत मिली। लेकिन पार्थ चटर्जी को अभी जेल से रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि उन पर शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार समेत और काफी सारे मामले चल रहे हैं।
इससे पहले इस मामले में मिल थी जमानत
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को शिक्षक भर्ती मामले में जमानत दी थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि अधीनस्थ अदालत द्वारा महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाएगा। बता दें कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा था कि चटर्जी ने लगभग तीन साल जेल में काटे हैं और उन्हें लगातार जेल में रखना ‘‘न्याय का उपहास’’ होगा। शीर्ष अदालत ने लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार सप्ताह के भीतर आरोप तय करने और दो महीने के भीतर बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था।
2011 से 2022 तक मंत्री रहे हैं पार्थ चटर्जी
जानकारी के लिए बता दें कि चटर्जी 2001 से विधायक हैं और वह 2011 से 2022 तक पश्चिम बंगाल में मंत्री रहे हैं। उन्होंने 2016 से राज्य में शिक्षा विभाग का कार्यभार संभाला। उन पर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों, सहायक शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अन्य पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध नियुक्तियां करने वाले एक गिरोह में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। (With PTI Input)
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