पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार से जुड़े CBI के मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पार्थ चटर्जी समेत अन्य को जमानत दे दी है। चटर्जी ने 2022 मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच को चुनौती दी थी। उनके साथ पूर्व कुलपति सुबीरेश भट्टाचार्य और अधिकारी शांतिप्रसाद सिन्हा को भी जमानत मिली है।
जेल से बाहर कब आएंगे?
हालांकि उनकी रिहाई 3 महीने के बाद ट्रायल कोर्ट द्वारा तय किए गए बेल बॉन्ड के आधार पर की जाएगी। जस्टिस एमएम सुंदरेष की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत देते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट उनके ऊपर चार्ज फ्रेम करने को लेकर आज से 4 हफ्ते के भीतर सुनवाई पूरी करेगा। इसके बाद अगले 2 महीने में मामले से जुड़े गवाहों की गवाही पूरी की जाएगी। इसके बाद आरोपियों की रिहाई की जा सकेगी।
पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मिली थी जमानत
इससे पहले इस घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पिछले साल 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पार्थ चटर्जी को जमानत देते हुए कहा था कि ED मामले में जमानत अगले साल एक फरवरी से यानी लगभग तीन महीने बाद से लागू होगी। ठीक वैसे ही अब सुप्रीम कोर्ट ने CBI के मामले में भी तीन महीने के बाद निचली अदालत से उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया है।
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