कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के एक नर्सिंग होम में संदिग्ध अवस्था में नर्स की मौत के मामला गरमा गया है। परिवार जहां यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप लगा रहा है वहीं पुलिस का कहना है कि इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद एफआईआर की जाएगी। उधर, बीजेपी विधायक और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। बता दें कि 24 वर्षीय नर्स का शव बृहस्पतिवार को सिंगूर स्थित नर्सिंग होम की तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में पंखे से लटका पाया गया। इस घटना से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और मामले को छिपाने के आरोप लगने लगे हैं।
शुक्रवार को माकपा की छात्र और युवा शाखा तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा मोर्चा के समर्थकों ने महिला के शव को ले जा रहे वाहन को घेर लिया जिससे तनाव बढ़ गया है। शव को हुगली जिले के वाल्श अस्पताल के मुर्दाघर से पोस्टमार्टम के लिए कोलकाता ले आया गया था। पुलिस के अनुसार, पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम की रहने वाली महिला ने चार दिन पहले ही नर्सिंग होम में काम करना शुरू किया था।
पुलिस ने कहा कि बृहस्पतिवार को सिंगूर स्थित नर्सिंग होम की तीसरी मंजिल पर एक कमरे में महिला का शव फंदे से लटका मिला। नर्सिंग होम प्रबंधन ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, जबकि महिला के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। परिवार का कहना है कि उसने नर्सिंग होम के संचालन में अनियमितताओं का खुलासा किया था।
नर्स के पिता ने कहा, ‘‘हमें किसी भी सरकारी अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम पर भरोसा नहीं है। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमार्टम कल्याणी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) या अलीपुर के कमांड अस्पताल में किया जाए।’’ इस बीच, जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा, एसएफआई और भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य कोलकाता के उस अस्पताल के बाहर एकत्र हुए, जहां महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था। इसके बाद वहां भारी हंगामा हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए कि उनकी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेताओं के साथ मिलीभगत है और नर्सिंग होम प्रबंधन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि नर्स की मौत के पीछे का असली कारण कभी सामने नहीं आ सके जैसा कि आरजी कर बलात्कार और हत्या के मामले में हुआ।
माकपा की छात्र शाखा एसएफआई के राज्य सचिव देबांजन डे ने कहा, ‘‘भाजपा एक नर्स की मौत के पीछे के कारण से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। जैसे ही हमारे साथी मौत के असली कारण को छिपाने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुँचे, भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और टीएमसी की मदद करने के लिए हंगामा करने लगे।’’ उनके दावे का खंडन करते हुए भाजपा युवा मोर्चा के नेता तमाघना घोष ने कहा, ‘‘मृतका का परिवार चाहता है कि उनकी बेटी का पोस्टमार्टम केंद्र सरकार द्वारा संचालित किसी अस्पताल - या तो कल्याणी स्थित एम्स या अलीपुर के कमांड अस्पताल में कराया जाए। हमारे कार्यकर्ता परिवार का पक्ष रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए मौके पर एकत्र हुए हैं कि पुलिस तथ्यों को दबाने के लिए जबरन किसी सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम ना करवा सके।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसएफआई टीएमसी की मदद करने के लिए गुप्त रूप से काम कर रही है।
पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है। बृहस्पतिवार को शव मिलने के बाद विपक्षी भाजपा और माकपा ने इलाके में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि नर्स की हत्या की गई है और संभवतः उसका यौन उत्पीड़न किया गया। तृणमूल कांग्रेस के विधायक और राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना ने कहा कि अगर पुलिस जांच में उसकी मौत में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी। तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा और माकपा दोनों एक युवती की अप्राकृतिक मौत पर राजनीति करने के लिए एक साथ आ गए हैं। उपायुक्त (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी ने पुष्टि की कि शव को कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित कोलकाता पुलिस के मुर्दाघर में रखा गया है। (इनपुट-भाषा)
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