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शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में BJP ने कैसे साधा जाति का समीकरण? समझें सोशल इंजीनियरिंग

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 09, 2026 01:59 pm IST,  Updated : May 09, 2026 02:06 pm IST

ब्राह्मण, OBC, आदिवासी और मतुआ से लेकर राजवंशी समाज तक... शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में BJP ने हर बड़े वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। बंगाल सरकार की नई कैबिनेट में सोशल इंजीनियरिंग का बड़ा मैसेज दिया गया है।

Suvendu Adhikari cabinet- India TV Hindi
शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में सोशल इंजीनियरिंग की झलक दिखी है। Image Source : PTI

West Bengal में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद Suvendu Adhikari की लीडरशिप में नई सरकार का गठन हुआ है। शुभेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही अपने मंत्रिमंडल में सामाजिक और जातीय संतुलन को साधने का प्रयास किया है। बीजेपी ने कैबिनेट के जरिए पश्चिम बंगाल के अलग-अलग समुदायों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का मैसेज दिया है।

कैबिनेट में अलग-अलग वर्गों के नेताओं को मिली जगह

नए मंत्रिमंडल में खुद सीएम शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण चेहरे के रूप में हैं। वहीं, बीजेपी ने SC समाज को साधने के लिए अशोक कीर्तनिया को मिनिस्टर बनाया है, जो मतुआ समुदाय से हैं। बंगाल की राजनीति में मतुआ समुदाय काफी प्रभावशाली माना जाता है और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसका बड़ा वोट बैंक है।

खुदीराम टुडू के रूप में आदिवासी समुदाय को प्रतिनिधित्व

वहीं, आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए शुभेंदु कैबिनेट में खुदीराम टुडू को शामिल किया गया है। वे संथाल समुदाय से हैं। बंगाल के आदिवासी बहुल इलाकों में BJP अपनी पकड़ लगातार मजबूत करने का प्रयास कर रही है, ऐसे में यह निर्णय सियासी रूप से अहम माना जा रहा है।

नेता पद सामाजिक समीकरण
शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ब्राह्मण
अशोक कीर्तनिया मंत्री मतुआ, दलित
खुदीराम टुडू मंत्री संथाल, आदिवासी
अग्निमित्रा पॉल मंत्री सवर्ण
दिलीप घोष मंत्री OBC
निशीथ प्रमाणिक मंत्री राजवंशी

महिलाओं की प्रतिनिधि के तौर पर अग्निमित्रा मंत्रिमंडल में शामिल

साथ ही, अग्निमित्रा पॉल को मंत्री बनाकर BJP ने सवर्णों को साधने की कोशिश की है। अग्निमित्रा पॉल लंबे वक्त से पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। महिला नेतृत्व के रूप में अग्निमित्रा पॉल की पहचान मजबूत है।

OBC और राजवंशी समुदाय का भी रखा गया ध्यान

OBC वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए BJP ने दिलीप घोष को भी कैबिनेट में शामिल किया है। वहीं, नॉर्थ बंगाल की सियासत में प्रभाव रखने वाले राजवंशी समुदाय को लीडरशिप देने के लिए निशीथ प्रमाणिक को मिनिस्टर बनाया गया है।

माना जा रहा है कि बीजेपी ने इस कैबिनेट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के करीब हर बड़े सामाजिक वर्ग को साधने की स्ट्रैटेजी अपनाई है, ताकि सरकार के साथ-साथ संगठन के लेवल पर भी बीजेपी की पकड़ मजबूत रहे।

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