मालदा में आमों की 100 से ज्यादा किस्में हैं। जिले में आम उत्पादन को नई पहचान और दिशा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। जिला प्रशासन यहां के आमों को अब एक ही प्लेटफॉर्म के अंतर्गत लाने के प्रयास में जुट गया है, ताकि क्षेत्र के किसानों को बड़ा मार्केट और मोटा मुनाफा मिल सके। मालदा के जिला मजिस्ट्रेट राजनवीर सिंह कपूर के मुताबिक, यह जिला पूरे देश में अपने खास किस्म के आमों के लिए एक अलग पहचान रखता है और यहां 100 से ज्यादा प्रकार के आमों की पैदावार होती है। उनका कहना है कि इतनी वेराइटी होने के बावजूद यहां के आमों के लिए कोई इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म नहीं था, जिससे कि इन आमों को एक साथ और बड़े स्तर पर पहचान मिल सके।
आमों नई पहल की शुरुआत
इसी कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के सहयोग से आमार मालदा नाम की पहल शुरू की है। यह एक ऐसा समग्र मंच है, जिसके तहत आम से जुड़ी सभी गतिविधियों को एक साथ जोड़ा गया है ताकि उत्पादन से लेकर बाजार तक एक बेहतर सिस्टम तैयार किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि इस पहल में केवल ब्रांडिंग ही नहीं बल्कि पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, ऑर्गेनिक फार्मिंग और गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर तकनीक और संसाधनों से जोड़कर उनकी आय को बढ़ाना है।
स्वयं सहायता समूहों को होगा लाभ
इस योजना में स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल किया गया है, ताकि आम से बने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग हो सके और उन्हें सीधा लाभ मिल सके। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
निर्यात और बाजार विस्तार पर जोर
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मालदा के आमों को न केवल देश के अलग-अलग हिस्सों में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहचान दिलाई जाए। इसके लिए निर्यात को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है और किसानों को सीधे खरीदारों और एक्सपोर्टर्स से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
टूरिज्म से जोड़ने की योजना
इसके साथ ही आम उत्पादन को पर्यटन से जोड़ने की भी योजना है, जिससे मालदा को एक नए मैंगो टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सके और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
देश-दुनिया में आमों के निर्यात को बढ़ाने का उद्देश्य
जिला मजिस्ट्रेट राजनवीर सिंह कपूर ने कहा, "मालदा जिला 100 से अधिक प्रकार के आमों का उत्पादन करता है, जो पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। हालांकि, यह देखा गया कि इन आमों के लिए कोई इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म या ब्रांड नहीं था जो इन्हें रिप्रेजेंट कर सके। इसलिए सभी संबंधित विभागों और हमारे अधिकारियों के सहयोग से हमने 'आमार मालदा' पहल की शुरुआत की है, जो जिला प्रशासन की एक पहल है और आम से जुड़ी सभी गतिविधियों को एक ही मंच पर लाती है। इसमें पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट (कटाई के बाद प्रबंधन), ऑर्गेनिक खेती और आम को टूरिज्म से जोड़ने के प्रयास शामिल हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया गया है कि आम से बने उत्पादों का सही तरीके से मार्केटिंग हो, ताकि स्वयं सहायता समूहों को इसका लाभ मिल सके।"
उन्होंने कहा "हम देश और दुनिया भर में निर्यात को बढ़ाना चाहते हैं। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसानों को सीधे निर्यातकों और खरीदारों से जोड़ा जाए। यहां खरीदारों और विक्रेताओं के बीच एक बड़ा गैप है। किसानों के पास बहुत ज्यादा विकल्प नहीं है। हम उस अंतर को पाटने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे कि हमारे किसान और उत्पादक दुनियाभर में पहुंच सके। हम हाइपर मार्केट्स जैसे रिलायंस, बिग बाजार, डी मार्ट आदि से जुड़ने की प्लानिंग कर, ताकि हमारे आमों के लिए सप्लाई चेन बन सके। इसके अलावा यह भी योजना बनाई जा रही है कि मालदा के आम ऑनलाइन रिलेट प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, ब्लिंकइट, फ्लिपकार्ट आदि पर अवेलेबल हो सके।"
पीटीआई इनपुट