पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 206 सीटें जीतकर बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई है। वहीं, लगातार तीन बार से सत्ता में आ रही टीएमसी को इस बार सिर्फ 81 सीटों पर समेट दिया है। खास बात यह है कि सीएम ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है। शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15105 वोट से हराया है। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में भी 9665 वोट से जीत हासिल की है। उनके अलावा मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने भी दो सीटों से जीत हासिल की है। इन दोनों नेताओं को एक-एक सीट छोड़नी होगी, जहां उपचुनाव होगा।
फलता सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद मतदान रद्द कर दिया गया और सोमवार को 293 सीटों के नतीजे जारी हुए, जिनमें बहुमत 147 सीट था। बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। वहीं, टीएमसी महज 81 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस और हुमायूं कबीर की एजेयूपी को दो-दो सीटें मिली हैं। सीपीआईएम और एआईएसएफ को एक-एक सीटें मिली हैं।
ममता को झेलनी पड़ी एंटी इनकंबेंसी
पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान हुआ था। 23 अप्रैल को पहले चरण में 93 फीसदी वोटिंग हुई। यहीं से बदलाव के संकेत मिल गए थे। हालांकि, टीएमसी ने दावा किया कि एसआईआर के बाद लोगों ने वोट कटने के डर से मतदान किया है। वहीं, अमित शाह ने पहले चरण में शामिल 152 में से 110 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावा किया। दूसरे चरण में भी 90 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ तो बीजेपी के नेता जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए। पीएम मोदी ने एक चुनावी सभा के दौरान कहा कि अब वह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ में शामिल होने आएंगे। नतीजों के बाद उनकी बातें सही साबित हुईं।
शुरुआती टक्कर के बाद बीजेपी को बढ़त
सोमवार को सुबह आठ बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही थी। अगले दो घंटे तक यही सिलसिला चला, लेकिन बीजेपी के सीटें बढ़ने लगीं और पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई। इसके बाद लगातार बीजेपी की सीटें बढ़ती गईं और टीएमसी के उम्मीदवार चुनाव हारते गए। दिन खत्म होते-होते खुद ममता बनर्जी भी चुनाव हार गईं और टीएमसी की करारी हार हुई।
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