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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: क्या अलीपुरद्वार में BJP का पलड़ा भारी? जानें यहां के लोकल मुद्दे

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Mar 05, 2026 08:57 am IST,  Updated : Mar 05, 2026 08:57 am IST

Alipurduar Assembly Election: पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार विधानसभा सीट आरक्षित नहीं है, यह सामान्य वर्ग के लिए है। यहां पिछले 2 चुनाव में ममता बनर्जी के दल पर BJP भारी पड़ी है।

Alipurduar Assembly Elections- India TV Hindi
अलीपुरद्वार विधानसभा सीट Image Source : INDIA TV

West Bengal Elecion: पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार विधानसभा सीट अलीपुरद्वार जिले की सामान्य कैटेगरी की सीट है। यह निर्वाचन क्षेत्र सियासी और जनसांख्यिकीय तौर पर काफी अहम है। इसमें अलीपुरद्वार नगरपालिका क्षेत्र और अलीपुरद्वार-I ब्लॉक के कुछ हिस्से शामिल हैं। अलीपुरद्वार लोकसभा क्षेत्र में आने वाली 7 विधानसभा सीटों में से यह अकेली सीट है जो आरक्षित नहीं है। यहां अन्य सभी 6 सीटें रिजर्व हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में जीती थी BJP

हालिया चुनावी इतिहास की बात करें तो 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां BJP ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी के उम्मीदवार सुमन कांजीलाल को 1 लाख 7 हजार 333 वोट मिले थे। वहीं, सौरव चक्रवर्ती जो तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी थे, उन्होंने 91 हजार 326 वोट हासिल किए थे। कांग्रेस उम्मीदवार देबा प्रसाद रॉय अलीपुरद्वार में तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 15 हजार 651 वोटों से संतोष करना पड़ा था। यहां विजयी उम्मीदवार और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी के बीच में जीत का अंतर 16 हजार 7 वोट मिले थे।

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदर्शन

2024 के लोकसभा चुनाव में भी अलीपुरद्वार विधानसभा क्षेत्र में BJP का दबदबा रहा। बीजेपी के मनोज तिग्गा ने इस विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस पर 28 हजार 564 वोटों की बढ़त पा ली थी।

अलीपुरद्वार की जनसांख्यिकी

वहीं, जनसांख्यिकी की बात करें तो यहां काफी विविधिता है। राजबंशी, बंगाली, नेपाली और कई जनजातीय समुदाय जैसे ओरांव, मुंडा और संथाल रहते हैं। अलीपुरद्वार शहर में साक्षरता दर काफी अच्छी है। यहां लगभग 91.03 फीसदी यह दर है जो पश्चिम बंगाल के औसत से ऊपर है।

क्या हैं प्रमुख मुद्दे?

अलीपुरद्वार के लोगों के प्रमुख मुद्दों में चाय बागान और बाढ़ मैनेजमेंट शामिल हैं। इस इलाके की सियासत में चाय बागानों के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी और भूमि अधिकार का मुद्दा चर्चा में रहता है। वहीं, भूटान से आने वाली नदियों की वजह से यहां अक्सर आने वाली 'फ्लैश फ्लड' एक बड़ी चुनौती है।

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