कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्य में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ के साथ मंच साझा किया, जिससे यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया। बता दें कि रत्ना देबनाथ पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी का कहना है कि उसने उन्हें उम्मीदवार बनाकर न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।
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'तृणमूल कांग्रेस महिला विरोधी पार्टी है'
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीजेपी ने रत्ना देबनाथ को न्याय दिलाने के लिए मंच दिया है। उन्होंने उन्हें 'हमारी अपनी' बताते हुए कहा कि उनकी बेटी मौजूदा सरकार के 'जंगल राज' की शिकार हुई। उन्होंने पश्चिम बंगाल की महिला मतदाताओं से अपील की कि वे दूसरे चरण के मतदान में भाजपा को समर्थन दें। पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस को 'महिला विरोधी पार्टी' करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'टीएमसी एक महिला विरोधी पार्टी है। भाजपा महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल पर काम करती है। आप हमें वोट दीजिए, हम बंगाल को कई सालों की परेशानियों से मुक्त करेंगे।'
ममता के बयान पर पीएम मोदी का निशाना
पीएम मोदी ने कहा, 'टीएमसी के डर से आजादी, टीएमसी के भ्रष्टाचार से आजादी, टीएमसी के सिंडिकेट से आजादी, बेटियों पर अत्याचार से आजादी, मजबूरी में पलायन से आजादी, बेरोजगारी से आजादी और घुसपैठियों के कब्जे से आजादी दिलाएंगे।' उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें महिलाओं को देर रात बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले का जिक्र करते हुए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया।
रत्ना देबनाथ की बेटी के साथ हुई थी दरिंदगी
बता दें कि अगस्त 2024 में राज्य के एक सरकारी अस्पताल के सेमिनार रूम में रत्ना देबनाथ की 26 वर्षीय बेटी की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। करीब डेढ़ साल बाद, बीजेपी के आग्रह पर रत्ना देबनाथ ने अपने गृह क्षेत्र पानीहाटी से चुनाव लड़ने का फैसला किया, ताकि इस मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। इस सीट पर उनका मुकाबला टीएमसी के तीर्थंकर घोष और सीपीआई(एम) के कलातन दासगुप्ता से है। इस तरह देखा जाए तो पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच आरजी कर केस एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।