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ममता बनर्जी ने कहा, पश्चिम बंगाल को गुजरात में तब्दील नहीं किया जा सकता

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 23, 2020 10:36 pm IST,  Updated : Dec 23, 2020 10:36 pm IST

पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव जीतने पर राज्य में विकास का गुजरात मॉडल लागू करने के बीजेपी द्वारा बार-बार किए जा रहे दावे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि लोग ऐसा नहीं होने देंगे।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को बीजेपी पर एक बार फिर हमला बोला है। Image Source : PTI FILE

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव जीतने पर राज्य में विकास का गुजरात मॉडल लागू करने के बीजेपी द्वारा बार-बार किए जा रहे दावे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि लोग ऐसा नहीं होने देंगे। ममता ने कोलकाता में एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ‘जयहिंद’ के नारे, ये सभी पश्चिम बंगाल से विश्व को दिए गए। बीजेपी की कटु आलोचक एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘बंगाल उत्कृष्टता और मेधा को महत्व देता है। हम इसे गुजरात में तब्दील करने की इजाजत नहीं दे सकते।’

‘बंगाल की धरती जीवन का स्त्रोत है’

ममता ने भगवा पार्टी पर ‘बाहरी होने’ के अपने आरोप की धार तेज करते हुए कहा, ‘बंगाल की धरती जीवन का स्रोत है। हमें इस मिट्टी को संरक्षित रखना होगा। हमें इससे गौरवान्वित होना होगा। ऐसा कोई नहीं हो सकता है जो बाहर से आए और कहे कि यह स्थान गुजरात में तब्दील हो जाएगा। हमारा संदेश यह है कि हम सभी के लिए हैं। मानवता सभी के लिए है, चाहे वह सिख, जैन या ईसाई हो। हम उनके बीच विभाजन की इजाजत नहीं देंगे।’ वहीं, तृणमूल कांग्रस के वरिष्ठ नेता सौगत राय ने पार्टी छोड़ कर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है।

‘कोंटई किसी परिवार की जमींदारी नहीं है’
राय ने पूर्वी मेदिनीपुर, जो कि अधिकारी का गृह जनपद है, के कोंटई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कोंटई किसी परिवार की जमींदारी नहीं है। समंदर से दो घड़ा जल निकाल लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने हिंदुत्व ताकतों के साथ हाथ मिला कर अपनी विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने दावा किया, ‘‘शुभेंदु कोई दिग्गज नेता नहीं थे। प्रथम 2 उपचुनाव हारने के बाद उन्हें 2009 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने उम्मीदवार बनाया था और वह जीते थे। वह 2014 का लोकसभा चुनाव और 2016 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी के समर्थन से ही जीते थे।’

‘सड़कें मीर जाफर या बीजेपी एजेंट ने नहीं बनवाई हैं’
उन्होंने अधिकारी को गद्दार करार देते हुए उन पर बंगाल की राजनीति को निम्न स्तर पर ले जाने का आरोप लगाया। रॉय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने जिले के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए सड़कें बनावाई हैं और इसका श्रेय किसी मीर जाफर या बीजेपी के एजेंट को नहीं जाता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे भगवा दल के नेता विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें हासिल करने के, राज्य के बाहर से, दिन में ही सपने देख रहे हैं। राज्य में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।

‘क्या अधिकारी को जेल का डर सता रहा था’
वहीं, शहरी विकास मंत्री एवं कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, ‘मैं आपके (अधिकारी के) व्यवहार से शर्मिंदा हूं। आप अमित शाह के पैर छूने के लिए उनके आगे झुक गए। आपको किस चीज ने ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। क्या जेल जाने का डर सता रहा था?’ (भाषा)

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