एसआईआर के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। 28 फरवरी, 2026 तक राज्य में कुल 70,459,284 मतदाता हैं और सूची (फॉर्म 7) से 546,053 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में संशोधन प्रक्रिया के दौरान हटाए गए और जोड़े गए नामों को शामिल करने के बाद, पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से अधिक हो गई है। मनोज कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के परिणामस्वरूप फॉर्म-7 के माध्यम से 5.46 लाख से अधिक मतदाताओं को हटाया गया और फॉर्म-6 और फॉर्म-6ए जमा करने के माध्यम से 1.82 लाख से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया।
58 लाख जनगणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए
मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया, “पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 58 लाख से अधिक जनगणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के मामले शामिल हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि 60 लाख से अधिक मतदाता अभी भी ''विचाराधीन'' श्रेणी में हैं, लेकिन उन्हें एसआईआर के बाद की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार की गई है।
ममता बनर्जी की सीट पर 47000 नाम हटाए गए
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में नए सिरे से राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है। यहां 47,000 से अधिक नाम हटाए गए हैं और 14,000 से अधिक नामों को ''विचाराधीन'' श्रेणी में रखा गया। बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर के मुद्दे पर राजनीतिक गहमागहमी जारी है। दक्षिण कोलकाता का भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जिसे व्यापक रूप से ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है, जहां पिछले साल चार नवंबर को एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने पर 2,06,295 मतदाता थे।
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