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माली में तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने कहा, हम सेना के नियंत्रण के बाद देश में चुनाव कराएंगे

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 19, 2020 04:57 pm IST,  Updated : Aug 19, 2020 05:18 pm IST

माली के राष्ट्रपति इब्राहिम अबूबकर कीता का तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने बुधवार को वादा किया है कि सेना के नियंत्रण के बाद देश में चुनाव कराए जाएंगे।

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माली में तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने खुद को कर्नल इस्माइल वेग के नेतृत्व वाली ‘नेशनल कमेटी फॉर सेल्वेशन ऑफ द पीपुल’ का हिस्सा बताया है। Image Source : AP

बमाको: माली के राष्ट्रपति इब्राहिम अबूबकर कीता का तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने बुधवार को वादा किया है कि सेना के नियंत्रण के बाद देश में चुनाव कराए जाएंगे। मंगलवार को तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने खुद को कर्नल इस्माइल वेग के नेतृत्व वाली ‘नेशनल कमेटी फॉर सेल्वेशन ऑफ द पीपुल’ का हिस्सा बताया है। वेग ने बीती रात सरकारी प्रसारक ORTM पर बयान जारी किया जिसमें कहा गया है, 'हम आपके साथ खड़े हैं। हम इस देश को दोबारा महान बना सकते हैं।'

राष्ट्रपति को बना लिया था बंधक

कर्नल इस्माइल वेग ने आगे कहा कि सीमाएं बद कर दी गई हैं और रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। इससे पहले, विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति आवास का घेराव किया और हवा में गोलीबारी करते हुए उन्हें बंधक बना लिया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने माली की स्थिति पर चर्चा के लिए बुधवार दोपहर एक बैठक बुलाई है। माली में संयुक्त राष्ट्र के 15,600 शांति मिशन है। कीता ने आधी रात से कुछ वक्त पहले सरकारी टेलीविजन ‘ORTM’ पर कहा कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

राष्ट्रपति कीता ने कही ये बात
कीता ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि मुझे सत्ता में रखने के लिए रक्त न बहाया जाए। मैंने अपना पद छोड़ने का फैसला किया है।’ उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार और नेशनल असेम्बली भंग हो जाएगी। माली के राष्ट्रपति को लोकतांत्रिक रूप से चुना गया था और उन्हें पूर्व उपनिवेशवादी फ्रांस और अन्य पश्चिमी सहयोगियों से व्यापक समर्थन प्राप्त है। सैनिकों द्वारा शस्त्रागार से हथियार जब्त कर बमाको का रुख करने के बाद राष्ट्रपति के पास इस्तीफे के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था। (भाषा)

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