यरुशलम: हमास और इजरायल के बीच हुए युद्धविराम के समझौते का एक अहम बिंदु था इजरायली बंधकों की रिहाई और जिन बंधकों की मौत हो चुकी है उनके अवशेष वापस लौटाना। लेकिन अब इजरायल की मानें तो हमास द्वारा इस सप्ताह रेड क्रॉस को सौंपे गए तीन लोगों के अवशेष इजरायली बंधकों के नहीं हैं।इजरायल ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह नया घटनाक्रम इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम के लिए अमेरिका की मध्यस्थता वाले समझौते को कमजोर कर सकता है। इजरायल द्वारा 30 फलस्तीनियों के शव शुक्रवार को गाजा को लौटाने के बाद ये अवशेष रेड क्रॉस को सौंपे गए थे। इससे पहले इसी सप्ताह चरमपंथियों द्वारा दो बंधकों के अवशेष सौंपे गए थे, जो इस बात का संकेत था कि इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तीन अज्ञात लोगों के अवशेष शुक्रवार देर रात इजरायल भेजे गए, जहां रात भर उनकी पड़ताल की गई। एक अन्य इजरायली सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि ये अवशेष सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले के दौरान हमास द्वारा बंधक बनाए गए किसी भी व्यक्ति के नहीं थे। इजरायल के एक अन्य सैन्य अधिकारी ने शनिवार को पुष्टि की कि ये किसी बंधक के अवशेष नहीं हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि ये अवशेष किनके हैं और उन्हें इजरायल को क्यों लौटाया गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार को पुष्टि की कि ये अवशेष किसी भी बंधक के नहीं हैं, हालांकि उन्होंने कोई और विवरण नहीं दिया। हमास की सशस्त्र इकाई ने बाद में एक बयान में कहा कि उसने शुक्रवार को अज्ञात शव के नमूने सौंपने की पेशकश की थी, लेकिन इजरायल ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और जांच के लिए अवशेषों की मांग की। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ये अवशेष किसके थे।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्धविराम शुरू होने के बाद से इजरायल द्वारा लौटाए गए फलस्तीनी शवों की कुल संख्या अब 225 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से केवल 75 की ही पहचान परिवारों द्वारा की जा सकी है। इस बीच जॉर्डन के विदेश मंत्री ने शनिवार को चेतावनी दी कि गाजा पट्टी में इजराइल की सैन्य मौजूदगी युद्धविराम को खतरे में डाल रही है। (इनपुट-भाषा)
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