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हमास को हलाल करने के लिए इजरायल ने युद्ध में ली एआई की मदद, माइक्रोसॉफ्ट का दावा

 Published : May 17, 2025 10:56 am IST,  Updated : May 17, 2025 12:09 pm IST

हमास को हलाल करने के लिए इजरायली सेना ने एआई का इस्तेमाल किया था। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि युद्ध के बजाय सर्च अभियानों में इसका इस्तेमाल हुआ। माइक्रोसॉफ्ट के अलावा, गूगल, अमेजन, पैलंटिर और कई अन्य अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ भी इजरायली सेना के AI और क्लाउड सेवाओं के अनुबंध हैं।

इजरायली सेना द्वारा गाजा में हमले का एक दृश्य (फाइल)- India TV Hindi
इजरायली सेना द्वारा गाजा में हमले का एक दृश्य (फाइल) Image Source : AP

वाशिंगटन : प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया है कि उसने गाजा युद्ध के दौरान इजरायली सेना को कृत्रिम मेधा (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान की थीं। इन सेवाओं का उपयोग इजरायली सेना ने हमास को पंगु बनाने के लिए किया। हालांकि उसने यह भी कहा कि इसका सर्वाधिक इस्तेमाल बंधकों का पता लगाने और उन्हें बचाने के प्रयासों व सर्च अभियानों में किया गया। कंपनी का कहना है कि उसे इस बात का कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि उसके एज्योर मंच और AI तकनीकों का उपयोग गाजा में लोगों को निशाना बनाने या नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया हो।

यह स्वीकारोक्ति माइक्रोसॉफ्ट की कॉरपोरेट वेबसाइट पर बिना हस्ताक्षर वाली एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसे युद्ध में कंपनी की भागीदारी की पहली सार्वजनिक पुष्टि माना जा रहा है। रतलब है कि यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर हमले और लगभग 1,200 लोगों की हत्या के बाद शुरू हुआ था। जवाबी कार्रवाई में गाजा में हजारों लोगों की जान गई। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) की एक पूर्व रिपोर्ट में दावा किया गया था कि माइक्रोसॉफ्ट की इजराइली रक्षा मंत्रालय के साथ घनिष्ठ साझेदारी है, और युद्ध शुरू होने के बाद वाणिज्यिक AI उत्पादों का सैन्य इस्तेमाल 200 गुना तक बढ़ गया।

एपी ने दी है रिपोर्ट

एपी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि इजराइली सेना ने निगरानी के जरिए जुटाई गई खुफिया जानकारी के विश्लेषण और अनुवाद के लिए माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड और AI तकनीकों का उपयोग किया। ब्लॉग पोस्ट में माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की चिंताओं और मीडिया रिपोर्टों के बाद, कंपनी ने आंतरिक समीक्षा शुरू की है और तथ्यों की जांच के लिए एक बाहरी कंपनी को भी नियुक्त किया है, हालांकि उसका नाम उजागर नहीं किया गया है। 

माइक्रोसॉफ्ट ने किया ये दावा 

कंपनी ने बताया कि उसने इजराइल को एज्योर क्लाउड स्टोरेज, पेशेवर सेवाएं, भाषा अनुवाद और साइबर सुरक्षा सेवाएं प्रदान कीं। साथ ही, बंधकों को छुड़ाने के प्रयासों में विशेष आपातकालीन तकनीकी सहायता और वाणिज्यिक समझौतों से परे सेवाएं भी उपलब्ध कराईं। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसने इस प्रक्रिया में अपने सिद्धांतों का पालन करते हुए गाजा के नागरिकों की निजता और अधिकारों का सम्मान किया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इजराइली सेना, अन्य ग्राहकों की तरह, उसकी AI आचार संहिता और उपयोग नीतियों के अंतर्गत आती है, जो AI का ऐसे उपयोग को प्रतिबंधित करती हैं जिससे किसी को नुकसान पहुंचे। (एपी)

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