ढाका: बांग्लादेश में उच्च सुरक्षा वाले राजनयिक क्षेत्र के एक लोकप्रिय रेस्तरां में ISSI के संदिग्ध आतंकवादियों के हमले में एक भारतीय लड़की सहित ज्यादातर विदेशी नागरिक मारे गए। बांग्लादेशी कमांडो ने छह आतंकवादियों को भी मार गिराया और एक को जिंदा पकड़ लिया। सैन्य अभियान महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल नईम अशफाक चौधरी ने बताया कि सशस्त्र बलों के नेतृत्व में साझा अभियान शुरू होने से पहले ही आतंकवादियों ने बंधकों की निर्मम हत्या कर दी जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं। जिन लोगों को मौत के घाट उतारा गया उनमें से ज्यादातर का गला काटा गया था। हमलावरों ने बंधक बनाई गई भारतीय लड़की तारूषि (18) की भी हत्या कर दी।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, मुझे यह साझा करते हुए बहुत दुख हो रहा है कि आतंकियों ने भारतीय लड़की तारूषि की हत्या कर दी जिसे ढाका में आतंकी हमले में बंधक बनाया गया था। इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने कहा कि मारे गए 20 बंधकों में नौ इतालवी, सात जापानी और एक बांग्लादेशी मूल का अमेरिकी नागरिक तथा दो स्थानीय व्यक्ति थे। इनमें कहा गया कि पीड़ितों में 10 पुरूष और 10 महिलाएं हैं। बीती रात गोलीबारी शुरू होने के बाद दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मारे गए थे। इटली के विदेश मंत्री पाओलो जेनतिलोनी ने कहा कि एक इतालवी अब भी लापता है।
हालांकि हमले में मारे गए दो अन्य की पहचान अब भी स्पष्ट नहीं है। कुछ खबरों में कहा गया कि मारे गए लोगों में तीन बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, आर्मी पैरा कमांडो यूनिट-1 ने अभियान का नेतृत्व किया और 13 मिनट के भीतर छह आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंधक संकट खत्म करने के लिए सेना को दखल देने का निर्देश दिया, जिसके बाद ऑपरेशन थंडरबोल्ट अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बल शनिवार जब कैफे के अंदर दाखिल हुए तो सुबह करीब 7:40 बजे (स्थानीय समयानुसार) गोलीबारी और विस्फोट की आवाजें सुनी गईं।
हसीना बोलीं ये लोग किस तरह के मुसलमान हैं?
बंधक संकट खत्म होने के बाद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश से आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों का सफाया करने के लिए सबकुछ करने का संकल्प लिया। हसीना ने टेलीविजन पर दिए अपने संबोधन में कहा, यह बहुत भयावह कृत्य है। ये लोग किस तरह के मुसलमान हैं? उनका कोई धर्म नहीं है। आतंकवादियों की मुस्लिम पहचान को लेकर सवाल करते हुए हसीना ने कहा, उन्होंने रमजान की तरावीह (खास नमाज) के असल संदेश का उल्लंघन किया और लोगों की हत्या है। जिस तरह से उन्होंने लोगों की हत्या की वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। उनका कोई धर्म नहीं है...आतंकवाद ही उनका धर्म है।
हसीना के साथ सेना प्रमुख जनरल अबू बिलाल मुहम्मद शफीउल हक भी मौजूद थे। हसीना ने कहा, मौके से कोई आतंकी फरार नहीं हो पाया। छह आतंकवादियों को मौके पर ही मार दिया गया और एक को जीवित पकड़ लिया गया। हसीना ने बांग्लादेश से आतंकियों और हिंसक चरमपंथ के सफाए के हर मुमकिन प्रयास करने का वचन लिया। मीडिया खबरों के मुताबिक भारतीय, श्रीलंकाई और जापानी नागरिकों को बचाया गया। हसीना ने कहा कि हमले में 30 लोग घायल हो गए। जिहादी गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रखने वाले अमेरिका स्थित एसआईटीई खुफिया समूह ने बताया कि आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने इस हमले के करीब चार घंटे बाद अपनी समाचार एजेंसी अमाक के माध्यम से इसकी जिम्मेदारी ली।
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