1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. बांग्लादेश में रोहिंग्या शिविरों के चारो ओर बाड़ लगाने का काम शुरू

बांग्लादेश में रोहिंग्या शिविरों के चारो ओर बाड़ लगाने का काम शुरू

 Written By: Bhasha
 Published : Dec 10, 2019 10:10 pm IST,  Updated : Dec 10, 2019 10:11 pm IST

बांग्लादेशी सेना ने उन शिविरों के चारो ओर बाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया है, जहां हजारों रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं।

Nayapara Rohingya refugee camp in Cox's Bazar, Bangladesh...- India TV Hindi
Nayapara Rohingya refugee camp in Cox's Bazar, Bangladesh (Representational Image) Image Source : AP

बालुखाली (बांग्लादेश): बांग्लादेशी सेना ने उन शिविरों के चारो ओर बाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया है, जहां हजारों रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। बांग्लादेशी सेना ने बाड़ लगाने का यह काम समुदाय के नेताओं और मानवाधिकार समूहों की शिकायतों के बावजूद शुरू किया है। समाचार एजेंसी ‘एएफपी’ के एक संवाददाता ने मंगलवार को सेना की वर्दी पहने सैनिकों को दक्षिणपूर्वी सीमांत जिले कॉक्सबाजार स्थित बालुखाली में एक बड़े शिविर के चारों ओर कंटीले तार की बाड़ लगाने के लिए खंभे लगाते हुए देखा। 

बांग्लादेश के शरणार्थी आयुक्त महबूब आलम तालुकदार ने इसका काम शुरू होने की पुष्टि की लेकिन इस बारे में कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल अजीज अहमद ने पिछले महीने के अंत में कहा था कि सेना के इंजीनियरों ने खंभे लगाने शुरू कर दिये हैं और सेना ने कंटीले तार के लिए आर्डर दे दिये हैं। शिविरों में करीब 10 लाख सदस्य रहते हैं जिसमें से अधिकतर मुस्लिम रोहिंग्या समुदाय से हैं। इनमें से 750,000 अगस्त 2017 में पड़ोसी म्यामांर में सैन्य अभियान के बाद भागकर आये थे। 

शरणार्थियों को रखने को लेकर बांग्लादेश में निराशा बढ़ रही है, विशेष तौर पर उन्हें गत अगस्त में म्यामांर वापस भेजने का प्रयास असफल होने के बाद से। शरणार्थियों के शिविर छोड़ने पर पहले से ही रोक है। हालांकि उनकी विशाल संख्या होने का मतलब है कि प्राधिकारी उनकी सभी गतिविधियों पर नजर रखने में असफल हैं। शिविरों के चारों ओर बाड़ लगाने के कदम की रोहिंग्या नेताओं ने निंदा की है और कहा है कि इससे रोहिंग्याओं के बीच ‘‘घबराहट’’ उत्पन्न होगी। 

मोहम्मद हाशिम ने कहा, ‘‘यह हमारे आवागमन को सीमित करेगा। हमें प्राधिकारियों से राशन लेने के लिए लंबी दूरी तक जाना पड़ता है। हमारे बच्चे अब नहीं खेल पाएंगे।’’ इससे पहले मानवाधिकार समूहों ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा था कि बाड़ लगाने से शिविर ‘‘एक बड़े कारागाह’’ में तब्दील हो जाएगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश