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म्यांमार के नए राष्ट्रपति विन मिंत ने शपथ ली, सू की के हैं करीबी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 30, 2018 04:58 pm IST,  Updated : Mar 30, 2018 04:58 pm IST

66 वर्षीय मिंत को म्यांमार की नेता आंग सान सू की के करीबी हैं...

Myanmar's new President Win Myint with leader Aung San Suu Kyi | AP Photo- India TV Hindi
Myanmar's new President Win Myint with leader Aung San Suu Kyi | AP Photo

नेपीतॉ: म्यांमार के नए राष्ट्रपति के तौर पर विन मिंत ने शुक्रवार को शपथ ली। 66 वर्षीय मिंत को म्यांमार की नेता आंग सान सू की के करीबी हैं। संसद द्वारा के निर्वाचन के 2 दिन बाद मिंत का शपथ ग्रहण समारोह हुआ है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति हतिन क्याव का स्थान लिया है। हतिन क्याव ने बीते हफ्ते स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ 2 उपराष्ट्रपतियों मिंट स्वे और हेनरी वान टियो ने भी शपथ ली। मिंत के राष्ट्रपति बनने के साथ ही सू की ही म्यांमार की वास्तविक नेता बनी रहेंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विंत का निर्वाचन बुधवार को दो अन्य उम्मीदवारों को हराने के बाद हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में उच्च स्तर के अधिकारियों सहित स्टेट काउंसलर आंग सान सू की भी मौजूद रहीं। मिंत राजनीतिक कैदी रहे हैं जो बीते सैन्य शासन के दौरान जेल गए थे। सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (NLD) वरिष्ठ नेता मिंत सू की के विश्वासपात्र रहे हैं। वह हतिन क्याव की जगह लेंगे जिन्होंने 21 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। क्याव (71) का यह इस्तीफा सरकार के पूर्व राष्ट्रपति के चिकित्सा इलाज के लिए कई बार विदेश जाने के खुलासे के बाद आया था।

नोबेल पुरस्कार विजेता सू की ने यह पद इसलिए दे दिया, क्योंकि वह संवैधानिक तौर पर राष्ट्रपति पद के लिए योग्य नहीं थी। सेना द्वारा तैयार किए गए संविधान के तहत सू की के राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होने पर रोक लगी है क्योंकि उन्होंने एक विदेशी से शादी की है और उनके 2 बेटे हैं जो ब्रिटेन के नागरिक हैं। वह 2015 में अपनी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद से स्टेट काउंसलर हैं और घोषणा कर चुकी हैं कि वे राष्ट्रपति से ‘ऊपर रहते हुए’ काम करेंगी। बहरहाल, उनके पद की कोई आधिकारिक संवैधानिक भूमिका नहीं है। इससे सू ची के लिए अपनी किसी करीबी को राष्ट्रपति बनाना जरूरी है ताकि वह अप्रत्यक्ष रूप से सहजतापूर्वक देश पर शासन कर सकें।

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