हांगकांग: चीन के डिटेंशन कैंप्स में उइगर मुसलमानों के साथ हैवानियत की हदें पार होने की खबरें सामने आती रहती हैं। सीएनएन की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इन कैंपों में महिलाओं के साथ बहुत ही घिनौना बर्ताव होता है। रिपोर्ट में डिटेंशन कैंप में शिक्षक रहीं कल्बिनुर सिदिक के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने खुद एक महिला के बेजान शरीर को देखा जिसकी ज्यादा खून बहने की वजह से जान चली गई थी। उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के डिटेंशन कैंप में पढ़ाने का काम करने वाली सिदिक ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।
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‘बलात्कार करके शेखी बघारते थे पुरुष सुरक्षाकर्मी’
सिदिक ने बताया कि डिटेंशन कैंप में तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी ने भी कहा था कि उसके पुरुष साथी अक्सर उइगर महिलाओं और लड़कियों को टार्चर करने और उनका बलात्कार करने को लेकर शेखी बघारते रहते थे। सिदिक ने एक शिक्षक के रूप में उस कैंप में कुल 3 महीने गुजारे थे। बता दें कि इसके पहले भी कई उइगर मुस्लिम महिलाओं ने आरोप लगाए थे कि चीन के डिटेंशन कैंपों में रेप और यौन हमले आम हैं। सिदिक ने यह भी कहा कि वह जिन लोगों को पढ़ाती थीं, उनमें 100 के लगभग पुरुष और कुछ महिलाएं थीं और सबके हाथ-पैर बेड़ियों से बंधे होते थे।
‘सूअर का मांस खाने को मजबूर किया जाता है’
एक उइगर मुस्लिम सयारगुल सौतबे ने अलजजीरा को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उइगर मुसलमानों को कैसे सूअर का मांस खाने के लिए दिया जाता है। उन्होंने कहा था कि यदि कोई मुसलमान सूअर का मांस खाने से मना करता है तो उसे कड़ी सजा दी जाती है। अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में सयारगुल ने कहा, 'हमें हर शुक्रवार सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने जानबूझकर शुक्रवार को चुना है क्योंकि यह मुसलमानों के लिए बेहद पाक दिन होता है। यदि आप ऐसा करने से इनकार करते हैं तो आपको कड़ी सजा दी जाती है।'