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हूतियों के खिलाफ अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, भूमिगत बंकरों पर B-2 Bombers से बरसाए बम

 Published : Oct 17, 2024 11:16 am IST,  Updated : Oct 17, 2024 01:51 pm IST

अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला करने के लिए अपने ‘बी-2’ बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया है। ‘बी-2’ बमवर्षक विमानों ने हूती विद्रोहियों के भूमिगत बंकरों पर बम बरसाए हैं।

 America attack Houthis- India TV Hindi
America attack Houthis Image Source : FILE AP

दुबई: अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिका ने लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले ‘बी-2’ बमवर्षक विमानों से यमन के हूती विद्रोहियों के भूमिगत बंकरों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार तड़के इस बारे में जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले से कितना नुकसान हुआ है। 

लाल सागर में पोतों को निशाना बना रहे हैं हूती

यमन के हूती विद्रोहियों को निशाना बनाने के लिए ‘बी-2 स्पिरिट’ का इस्तेमाल करना आम बात नहीं है। ‘बी-2 स्पिरिट’ ऐसा बमवर्षक है जिसमें दुश्मन की नजर में आए बिना हमला करने की क्षमता है। गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजरायल के हमलों के विरोध में हूती विद्रोही लाल सागर में कई महीनों से पोतों को निशाना बना रहे हैं।

राजधानी सना के आसपास हुए हमले

हूतियों के 'अल-मसीरा' समाचार चैनल ने बताया कि यमन की राजधानी सना के आसपास हवाई हमले हुए हैं। साल 2014 से हूती विद्रोहियों ने सना पर कब्जा कर रखा है। इसमें बताया गया कि हूती विद्रोहियों के गढ़ सादा के आसपास भी हवाई हमले हुए हैं, हालांकि इसने नुकसान या हताहतों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी है। 

US B-2 Bombers
Image Source : APUS B-2 Bombers

हमले में नहीं हुई नागरिकों की मौत

अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने एक बयान में कहा, “यमन में हूती विद्रोहियों के नियंत्रित क्षेत्रों में पांच भूमिगत हथियार भंडारण स्थानों को निशाना बनाकर ‘बी-2’ बमवर्षक से हमले किए गए हैं।’’ हूतियों का समर्थन करने वाले ईरान को परोक्ष रूप से चेतावनी देने के लिए भी यह हमले किए गए हैं। ऑस्टिन ने कहा, ‘‘यह उन सुविधाओं को निशाना बनाने की अमेरिका की क्षमता का अनूठा प्रदर्शन था, जिन्हें हमारे विरोधी अपनी पहुंच से दूर रखना चाहते हैं, चाहे वो कितने भी जमीन के नीचे, मजबूत या सुदृढ़ क्यों ना हों।’’ ऑस्टिन और अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने इस हमले से हुए नुकसान का तत्काल कोई आकलन नहीं किया। हालांकि, ‘सेंट्रल कमांड’ ने एक बयान में कहा कि प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि इस हमले में कोई भी नागरिक नहीं मारा गया है।

इजरायल ने भी किया था हमला

हाल ही में इजरायल की एयरपोर्स ने भी यमन के रास इस्सार और होदेइदाह इलाकों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला किया था। हमले के दौरान, "आईडीएफ ने बिजली संयंत्रों और एक बंदरगाह को निशाना बनाया था। हमले के बाद इजरायली सेना ने कहा था कि एयरफोर्स ने इजरायली सीमा से लगभग 1,800 किलोमीटर दूर यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला किया है। 

कौन हैं हूती

हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया समुदाय का एक हथियारबंद समूह है। इस समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था। हुसैन अल हूती ने इस हथियारबंद समूह का गठन किया था। (एपी)

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