1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. बांग्लादेश में बिगड़ रहे हालात, नए सेवा कानून के विरोध में कर्मचारियों ने सचिवालय के मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

बांग्लादेश में बिगड़ रहे हालात, नए सेवा कानून के विरोध में कर्मचारियों ने सचिवालय के मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

 Published : May 26, 2025 06:00 pm IST,  Updated : May 26, 2025 06:00 pm IST

बांग्लादेश में सरकारी कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान सचिवालय के गेट पर ताला जड़ दिया है। यह विरोध प्रदर्शन नए सेवा कानून के खिलाफ किया गया है। कर्मचारियों ने इसे काला कानून बताया है।

बांग्लादेश में नए सेवा कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (प्रतीकात्मक तस्वीर)- India TV Hindi
बांग्लादेश में नए सेवा कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Source : AP

ढाका/नई दिल्ली: नए सेवा कानून के खिलाफ विरोध तेज करते हुए सोमवार को सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों ने राजधानी ढाका स्थित बांग्लादेश सचिवालय के मुख्य द्वार पर कुछ देर के लिए ताला जड़ दिया। नया कानून कदाचार के लिए अधिकारियों को आसानी से बर्खास्त करने का प्रावधान करता है। प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोक सेवा (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। सचिवालय में मंत्रालय और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। 

कर्मचारियों ने दी प्रदर्शन जारी रखने की धमकी

खबरों के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा काम बंद रखने के कारण परिसर के अंदर आधिकारिक गतिविधियां काफी हद तक ठप रहीं। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा उस संशोधित कानून को अधिसूचित करने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जिससे कदाचार के लिए अधिकारियों को आसानी से बर्खास्त किया जा सकता है। सरकारी कर्मचारियों ने अध्यादेश को रद्द किए जाने तक प्रदर्शन जारी रखने की धमकी दी है। अधिकारियों ने परिसर में किसी भी संभावित हिंसा के खिलाफ सतर्कता बरतते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। 

यह भी जानें

‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ की खबर के अनुसार, ढाका दक्षिण नगर निगम के कर्मचारी अदालती आदेश के अनुरूप बीएनपी नेता इशराक हुसैन को महापौर बनाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं, जिसके कारण प्रशासनिक सेवाएं ठप हो गई हैं। निर्वाचन आयोग ने फैसले का विरोध नहीं किया, लेकिन अंतरिम सरकार ने सोमवार को उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी, जिसमें हुसैन के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने तथा महापौर की भूमिका का निर्वहन करने के लिए नियुक्त प्रशासक को काम जारी रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया। (भाषा)

यह भी पढ़ें:

पाकिस्तान के 'स्वयंभू' फील्ड मार्शल का कारनामा, एक तस्वीर से अपने ही PM को बनाया मूर्ख; हंस रहे हैं लोग

पाकिस्तानियों की जालसाजी, अब अमेरिका में कर दिया बड़ा कांड; 2 गिरफ्तार

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश