बीजिंग: चीन में हुए शंघाई सहयोग संघठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख ने चीन को भी आतंकियों के खिलाफ खड़ा होने के लिए मजबूर किया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार के साथ बैठक में कहा कि अगर इस्लामाबाद आतंकवाद-रोधी प्रयास करता है तो उसके इस कदम के प्रति चीन का समर्थन जारी रहेगा। इस दौरान वांग यी ने पाकिस्तान में कार्यरत चीनी नागरिकों और परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई।
चीन ने कहा-पाकिस्तान के साथ मिलकर करेंगे आतंक का खात्मा
बीजिंग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार तियानजिन शहर में हुई इस बैठक में वांग यी ने कहा कि चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के पूर्ण खात्मे तक सहयोग करता रहेगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि चीनी सरकार पाकिस्तान में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उसे भरोसा है कि इस्लामाबाद इस दिशा में हरसंभव कदम उठाता रहेगा। वांग यी ने चीन-पाकिस्तान की मित्रता को "अद्वितीय और समय की कसौटी पर खरी" करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय बैठकें रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाती हैं।
CPEC पर भी हुई चर्चा, मगर भारत से डर
इस बैठक के दौरान चीन और पाकिस्तान ने जिनपिंग के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पर भी चर्चा की। मगर भारत उसकी इस चाह में बाधक बना हुआ है। भारत ने हमेशा चीन की इस चाल को विफल करने के लिए आवाजा उठाई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और बहुपक्षीय सहयोग समेत आपसी हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। (भाषा)