Monday, May 20, 2024
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पाकिस्तान से छिड़े संघर्ष के बीच चीन ने ईरान को धमकाया, जानें शी जिनपिंग ने पुतिन के दोस्त को क्यों दी चेतावनी

पाकिस्तान से छिड़े संघर्ष के बीच चीन ने रूस के दोस्त ईरान को बड़ी धमकी दी है। चीन ने ईरान को कहा है कि वह लाल सागर में हूतियों के हमलों पर अंकुश लगाए या फिर चीन के साथ व्यापारिक संबंधों में नुकसान उठाने को तैयार रहे।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published on: January 26, 2024 16:25 IST
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी। - India TV Hindi
Image Source : AP चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी।

पाकिस्तान से छिड़े संघर्ष के बीच चीन ने पुतिन के दोस्त ईरान को बड़ी चेतावनी दे डाली है। ईरान और चीन एक बात पर आमने सामने आ गए हैं। चीन ने ईरान को अपने में सुधार नहीं लाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली है। इस अप्रत्याशित घटना से रूस भी हैरान है। दरअसल ईरान और रूस आपस में अच्छे दोस्त राष्ट्र हैं। वहीं चीन और पाकिस्तान भी मित्र राष्ट्र हैं। अभी कुछ दिन पहले ही ईरान ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भी ईरान पर जवाबी हमला कर दिया था। तभी से दोनों देशों में जबरदस्त तनाव चल रहा है। इस बीच चीन की ईरान को धमकी अनायास नहीं है। 

दरअसल चीन ने ईरान को चेतावनी लाल सागर में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हूतियों के हमलों को लेकर दी है। चीन ने ईरान को कहा है कि वह हूतियों के हमलों को रोकें या व्यापारिक संबंधों को जोखिम में डालने को तैयार रहें। बता दें कि ईरान समर्थित हूतिये लगातार लाल सागर में जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। चीनी अधिकारियों ने कथित तौर पर अपने ईरानी समकक्षों से हस्तक्षेप करने और ईरान समर्थित हूतियों द्वारा लाल सागर में जहाजों पर हमलों को रोकने की बात कही है। 

लाल सागर में हूतियों के हमलों पर लगाम लगाए ईरान

ईरान समर्थित हूतिये लाल सागर में लगातार जहाजों को निशाना बना रहे हैं। चीनी अधिकारियों ने अपने ईरानी समकक्षों से कहा है कि वे ईरान समर्थित हूतियों द्वारा लाल सागर में जहाजों पर हमलों पर लगाम लगाएं अन्यथा बीजिंग के साथ व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचाने का जोखिम उठाने को तैयार रहे हैं।  ईरानी सूत्रों ने कहा कि चीन और ईरान के बीच हमलों और व्यापार के बारे में बीजिंग और तेहरान में हाल की कई बैठकों में चर्चा हुई, लेकिन वे कब हुए या किसने भाग लिया, इसके बारे में विवरण देने से इनकार कर दिया। चीन का कहना है: 'अगर हमारे हितों को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाया जाता है, तो इसका तेहरान के साथ हमारे व्यापार पर असर पड़ेगा। 

चीन है ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार

चीन ने ईरान को यह धमकी तब दी है, जब वह एक दशक से बीजिंग का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हूतियों का कहना है कि हमले गाजा में फिलिस्तीनियों के समर्थन में हैं। हूतियों के हमलों से एशिया और यूरोप के बीच चीन के जहाजों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्रमुख व्यापार मार्ग को बाधित करके शिपिंग और बीमा की लागत बढ़ गई है। उदाहरण के लिए, ट्रेड एनालिटिक्स फर्म Kpler के टैंकर ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, चीनी तेल रिफाइनरों ने पिछले साल ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का 90% से अधिक खरीदा, क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों ने कई अन्य ग्राहकों को दूर रखा और चीनी कंपनियों को भारी छूट से लाभ हुआ। हालाँकि, चीन के कच्चे तेल के आयात में ईरानी तेल की हिस्सेदारी केवल 10% है और बीजिंग के पास आपूर्तिकर्ताओं की एक श्रृंखला है जो अन्यत्र से कमी को पूरा कर सकती है। ईरानी सूत्रों ने कहा कि बीजिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर चीन से जुड़े किसी भी जहाज को नुकसान पहुंचा, या देश के हितों को किसी भी तरह से प्रभावित किया गया तो वह तेहरान से बहुत निराश होगा। 

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