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ईरान को लेकर IAEA ने खड़े किए हाथ, कहा- 'तेहरान ने यूरेनियम संवर्धन रोका या नहीं, हम पुष्टि करने में असमर्थ'

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Feb 27, 2026 10:59 pm IST,  Updated : Feb 27, 2026 10:59 pm IST

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ने कहा है कि ईरान ने जून में 12 दिन के युद्ध से प्रभावित परमाणु प्रतिष्ठानों तक उसे पहुंचने की अनुमति नहीं दी है। एजेंसी यह सत्यापित नहीं कर सकती कि ईरान ने संवर्धन से संबंधित सभी गतिविधियां निलंबित कर दी हैं या नहीं।

ईरान का परमाणु प्रतिष्ठान - India TV Hindi
ईरान का परमाणु प्रतिष्ठान Image Source : AP

Iran Nuclear Program: संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने एक गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ईरान ने जून 2025 में हुए 12 दिवसीय युद्ध से प्रभावित अपने परमाणु प्रतिष्ठानों तक निरीक्षकों को पहुंच की अनुमति नहीं दी है। यह रिपोर्ट सदस्य देशों को वितरित की गई थी और शुक्रवार को एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने इसे देखा। रिपोर्ट के अनुसार, पहुंच की कमी के कारण एजेंसी यह सत्यापित नहीं कर पा रही है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह निलंबित कर दी हैं या नहीं, और ना ही प्रभावित सुविधाओं में ईरान के यूरेनियम भंडार का आकार, संरचना या स्थान निर्धारित कर पा रही है।

इजरायल और अमेरिका ने किया था हमला

जून 2025 में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों पर हमले किए गए थे, जिनमें नतांज, फोर्डो और इस्फहान शामिल हैं। इन हमलों को '12-दिवसीय युद्ध' के रूप में जाना जाता है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा था। हमलों के दौरान IAEA ने सुरक्षा कारणों से अपने निरीक्षकों को वापस बुला लिया था। युद्ध के बाद ईरान ने सहयोग निलंबित कर दिया और प्रभावित स्थलों पर पहुंच से इनकार कर दिया। 

परमाणु स्थलों के पास देखी गई हैं गतिविधियां

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने चार घोषित संवर्धन सुविधाओं में से किसी तक भी पहुंच नहीं दी है। IAEA ने व्यावसायिक रूप से उपलब्ध उपग्रह छवियों का विश्लेषण किया है, जिसमें नतांज और फोर्डो जैसी प्रभावित सुविधाओं के आसपास गतिविधियां दिखाई दी हैं, लेकिन बिना साइट पर पहुंच के इन गतिविधियों की प्रकृति या उद्देश्य की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसी तरह, इस्फहान में एक भूमिगत सुरंग परिसर के प्रवेश द्वार पर नियमित वाहन गतिविधि दर्ज की गई है, जहां उच्च संवर्धित यूरेनियम (60 फीसदी तक) का बड़ा हिस्सा संग्रहीत होने की आशंका है। युद्ध से पहले ईरान ने इस्फहान में चौथी संवर्धन सुविधा की घोषणा की थी, लेकिन IAEA को कभी उस तक पहुंच नहीं मिली।

बढ़ रही है दुनिया के देशों की चिंता 

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पहुंच की कमी के कारण एजेंसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम के पूरी तरह शांतिपूर्ण होने की गारंटी नहीं दे सकती। IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने पहले भी कहा था कि स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती। प्रभावित स्थलों के अलावा, ईरान ने कुछ अप्रभावित सुविधाओं (जैसे बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट) तक सीमित पहुंच दी है। यह घटनाक्रम ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वैश्विक चिंताओं को बढ़ा रहा है। 

क्या है  IAEA की मांग?

जून 2025 के युद्ध से पहले ईरान के पास 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक था, जो हथियार-ग्रेड के करीब है। हमलों के बावजूद कुछ स्टॉक भूमिगत या छिपे होने की आशंका है। अमेरिका और इजरायल ने दावा किया था कि कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया गया है, लेकिन IAEA का मानना है कि नुकसान कुछ महीनों का ही है। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर वार्ता हुई हैं लेकिन ईरान ने सुविधाओं को नष्ट करने या यूरेनियम सौंपने से इनकार किया है। IAEA ने तत्काल पहुंच बहाल करने की मांग की है।

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